- माता-पिता को सर्वोच्च मान पूज्य हुए गणेश जी : कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा
भगवान गणेश और कार्तिक की जन्म की कथा सुनाई
शनिवार को कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने भगवान गणेश और कार्तिक की जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बुद्धि की परीक्षा वाला वह प्रसंग सुनाया जिसमें भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती ने कहा था कि दोनों में से जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा कर आएगा वही मेरी गोद में बैठेगा। कार्तिक जी अपने वाहन मोर पर सवार होकर निकले और गणेश से कहा-तुम्हारा वाहन तो चूंहा है, तुम कैसे परिक्रमा करोगे। कार्तिक के जाते ही बुद्धि के दाता गणेश ने भोले और पार्वती की परिक्रमाएं की और गोद बैठने की जिद करने लगे। माता बोली-तुमने पृथ्वी की परिक्रमा कहां की है, भगवान गणेश बोले माता मैंने आपकी और पिताजी की परिक्रमा कर ली है जो माता पृथ्वी से बड़ी है और मैंने तो एक नहीं, तीन परिक्रमाएं की हैं यानी धरती और आकाश के साथ तीनों लोकों होकर आ गया है। यह जवाब सुनते ही माता ने उन्हें गले से लगा लिया और गोद में बिठाया।
भगवान गणेश के अंग की तरह ही हर विशेषता इंसान में होना चााहिए
कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कथा का सार बताते हुए कहा इसलिए भगवान गणेश बुद्धि के दाता कहलाते हैं। इसके अलावा उन्होंने भगवान गणेश के नख से शिख तक हर अंग की विशेषता संगीतमय भजन सुनाकर बताई। उन्होंने कहा भगवान गणेश के अंग की तरह ही हर विशेषता इंसान में होना चााहिए। जैसे बड़ा पेट बात पचाने के लिए, बड़े कान सत्संग और भक्ति में इतने लीन रहो कि कान यही सुनते रहे। सूंड यानी नाक स्वाभिमान का प्रतीक है, जो गणेश की तरह होना चाहिए।
आज किया जाएगा समापन
नारी शक्ति महिला मंडल और मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा जिला इकाई सीहोर के तत्वाधान जारी सात दिवसीय शिव महापुराण का समापन रविवार को किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए श्रीमती ज्योति अग्रवाल और श्रीमती अंजू अग्रवाल ने बताया कि कथा दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक जारी रहेगी और उसके पश्चात शाम को भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा पौधों का वितरण भी किया जाएगा।

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