सीहोर : आज निकाली जाएगी भव्य शोभा यात्रा, पौधा वितरण किया जाएगा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 31 जनवरी 2026

सीहोर : आज निकाली जाएगी भव्य शोभा यात्रा, पौधा वितरण किया जाएगा

  • माता-पिता को सर्वोच्च मान पूज्य हुए गणेश जी : कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा

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सीहोर। पिता को सर्वोपरि मानकर जो व्यक्ति उनकी सेवा, पूजा करता है वह लौकिक जीवन में सुख भोग करते हुए देवलोक में भी सुख शांति को प्राप्त करते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्रों में सर्वोच्च स्थान पाने की लालसा में शर्त रखी गई। जो भी संपूर्ण ब्रह्मांड की पहले परिक्रमा करके आएगा वह पूज्यनीय होगा। कार्तिकेय जी ने पूरे ब्रह्मांड का भ्रमण किया परंतु गणेश जी ने अपने माता और पिता की परिक्रमा कर उन्हें सर्वोच्च माना। विष्णु जी सहित सभी देवताओं ने इस कृत्य के लिए उन्हें सर्वोच्च स्थान दिया और इस वजह से देवताओं में प्रथम पूज्य घोषित हुए। उक्त विचार शहर के अग्रवाल पंचायती भवन में नारी शक्ति महिला मंडल और मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा जिला इकाई सीहोर के तत्वाधान में जारी संगीतमय सात दिवसीय शिव महापुराण के छठवें दिवस कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कहे। उन्होंने कहाकि माता-पिता की सेवा करने से ही ईश्वर की सच्ची भक्ति होती है, घर में ही ईश्वर है फिर भी लोग ईश्वर की भक्ति के लिए दर-दर भटकते रहते हैं, अगर मानव को ईश्वर की सच्ची भक्ति करनी है तो अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा करते हुए उन्हेंने खुश रखे। इस संसार में सभी बुद्धिमान है, लेकिन बुद्धि की शुद्धि करने की जरूरत है, बुद्ध बनने के पहले हमें शुद्ध होना पड़ेगा।


भगवान गणेश और कार्तिक की जन्म की कथा सुनाई

शनिवार को कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने भगवान गणेश और कार्तिक की जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बुद्धि की परीक्षा वाला वह प्रसंग सुनाया जिसमें भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती ने कहा था कि दोनों में से जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा कर आएगा वही मेरी गोद में बैठेगा। कार्तिक जी अपने वाहन मोर पर सवार होकर निकले और गणेश से कहा-तुम्हारा वाहन तो चूंहा है, तुम कैसे परिक्रमा करोगे। कार्तिक के जाते ही बुद्धि के दाता गणेश ने भोले और पार्वती की परिक्रमाएं की और गोद बैठने की जिद करने लगे। माता बोली-तुमने पृथ्वी की परिक्रमा कहां की है, भगवान गणेश बोले माता मैंने आपकी और पिताजी की परिक्रमा कर ली है जो माता पृथ्वी से बड़ी है और मैंने तो एक नहीं, तीन परिक्रमाएं की हैं यानी धरती और आकाश के साथ तीनों लोकों होकर आ गया है। यह जवाब सुनते ही माता ने उन्हें गले से लगा लिया और गोद में बिठाया।

 

भगवान गणेश के अंग की तरह ही हर विशेषता इंसान में होना चााहिए

कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कथा का सार बताते हुए कहा इसलिए भगवान गणेश बुद्धि के दाता कहलाते हैं। इसके अलावा उन्होंने भगवान गणेश के नख से शिख तक हर अंग की विशेषता संगीतमय भजन सुनाकर बताई। उन्होंने कहा भगवान गणेश के अंग की तरह ही हर विशेषता इंसान में होना चााहिए। जैसे बड़ा पेट बात पचाने के लिए, बड़े कान सत्संग और भक्ति में इतने लीन रहो कि कान यही सुनते रहे। सूंड यानी नाक स्वाभिमान का प्रतीक है, जो गणेश की तरह होना चाहिए।


आज किया जाएगा समापन

नारी शक्ति महिला मंडल और मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा जिला इकाई सीहोर के तत्वाधान जारी सात दिवसीय शिव महापुराण का समापन रविवार को किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए श्रीमती ज्योति अग्रवाल और श्रीमती अंजू अग्रवाल ने बताया कि कथा दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक जारी रहेगी और उसके पश्चात शाम को भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा पौधों का वितरण भी किया जाएगा। 

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