सीहोर : सिद्धि विनायक की कृपा से सजी सेवा की थाली, ऐतिहासिक गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।


बुधवार, 7 जनवरी 2026

सीहोर : सिद्धि विनायक की कृपा से सजी सेवा की थाली, ऐतिहासिक गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

  • हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी का लिया आनंद

Siddhi-vinayak-sehore
सीहोर। शहर के प्रसिद्ध एवं देशभर में आस्था का केंद्र माने जाने वाले सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में बुधवार को भक्तिभाव और सेवा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गणेश भक्तों द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। भगवान श्रीगणेश के दर्शन कर भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की और सेवा में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरा परिसर  'गणपति बप्पा मोरयाÓ के जयघोष से गूंजता रहा। गौरतलब है कि गणेश भक्तों द्वारा अंग्रेजी नववर्ष के पहले सप्ताह में प्रथम बुधवार को भव्य भंडारे के आयोजन की परंपरा पिछले वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष भी भगवान गणेश के प्रिय दिवस पर पूरे विधि-विधान से आयोजन किया गया। सुबह भगवान गणेश को भोग अर्पित किया गया और दोपहर 12 बजे महाआरती के उपरांत भव्य भंडारे का शुभारंभ हुआ, जो शाम तक अनवरत चलता रहा। भंडारे में नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और पंक्ति में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं ने अनुशासन और भक्तिभाव के साथ प्रसाद लिया। भंडारे में अनेक भक्तों ने स्वयं प्रसादी वितरण कर सेवा का अवसर प्राप्त किया, जिससे आयोजन और भी पुण्यदायी बन गया। सभी ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। यह भंडारा न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि मानव सेवा और सामाजिक एकता का भी सशक्त संदेश दे गया।

कोई टिप्पणी नहीं: