- भोरे से माले के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को हत्या के मामले में दोषी करार देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
उन्होंने कहा कि भाकपा (माले) इस निर्णय के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी और न्याय की लड़ाई कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेगी. पार्टी को उच्च न्यायालय से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद है. आगे कहा कि जिस प्रकार लोकसभा से लेकर बिहार विधानमंडल तक विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक है. विपक्षी विधायकों को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है और उन्हें मार्शल आउट किया जा रहा है. यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और लोकतंत्र को कमजोर करने की प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि बिहार में एक ओर छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और अन्य जन मुद्दों पर लोग न्याय की मांग को लेकर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार विपक्ष के साथ सार्थक संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है. भाजपा के साथ गठबंधन में रहते हुए नीतीश कुमार और जनता दल (यू) भी तानाशाही प्रवृत्ति की ओर बढ़ते दिख रहे हैं. भाकपा (माले) ने मांग की है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों को सदन के भीतर अपनी बात रखने और जनता के सवाल उठाने का पूरा अवसर दिया जाए. सदन में संवाद और बहस की जो लोकतांत्रिक परंपरा रही है, उसे कलंकित न किया जाए और जनता के हित में सार्थक विमर्श सुनिश्चित किया जाए.

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