दरभंगा (रजनीश के झा)। दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय, दरभंगा में जल–जीवन–हरियाली दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत “जल प्रबंधन एवं संरक्षण हेतु निजी भूमि पर चौर का विकास” विषय पर कार्यशाला एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. आई. सी. ठाकुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. राम नरेश रमण, पशु चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे। संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने रिसोर्स पर्सन का मिथिला पाग एवं शॉल से स्वागत किया। अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने चौर के महत्व, इसके तकनीकी परिदृश्य एवं जल संरक्षण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को चौर निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया से अवगत कराया। वहीं रिसोर्स पर्सन डॉ. राम नरेश रमण ने कहा कि आज ऑक्सिटॉक्सिन जैसी दवाएँ मानव एवं पशु स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो रही हैं, जबकि चौर के निर्माण से पशुओं की प्राकृतिक देखभाल संभव है तथा गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आई. सी. ठाकुर ने अपने वक्तव्य में बिहार में व्याप्त जल संकट की स्थिति को स्पष्ट करते हुए छात्रों को अपनी निजी भूमि पर चौर निर्माण हेतु प्रेरित किया, जिससे भूमिगत जल स्तर में सुधार हो सके। इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत संस्थान के मुख्य भवन के समक्ष वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026
Home
दरभंगा
बिहार
दरभंगा : अभियंत्रण महाविद्यालय में जल–जीवन–हरियाली दिवस पर कार्यशाला एवं वृक्षारोपण
दरभंगा : अभियंत्रण महाविद्यालय में जल–जीवन–हरियाली दिवस पर कार्यशाला एवं वृक्षारोपण
Tags
# दरभंगा
# बिहार
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
बिहार
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें