मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक भूकंप की स्थिति तैयार की गई, जिसमें भवन के क्षतिग्रस्त होने, लोगों के मलबे में फंसने तथा अफरातफरी की स्थिति को दर्शाया गया। बचाव दलों ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए आधुनिक उपकरणों की सहायता से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार प्रदान किया।* *इस दौरान संचार व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा एवं अग्निशमन टीम की सक्रियता भी सराहनीय रही। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास से आपदा के समय प्रतिक्रिया समय कम होता है और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है। साथ ही, यह अभ्यास आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आपदा के समय सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है। पुनः हाई राइज बिल्डिंगों में आगजनी की घटना होने एवं बचाव दल द्वारा किये गए त्वरित कारवाई को लेकर पूर्वाभ्यास किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान आपदा प्रतिक्रिया तंत्र, संचार व्यवस्था एवं फील्ड-स्तरीय क्रियान्वयन की व्यावहारिक जांच की गई। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, आपदा संतोष कुमार,डीटीओ रामबाबू,लोक शिकायत, राजेश कुमार,सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ,उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार,कमांडेंट होम गार्ड अमित कुमार,सहायक आपदा पदाधिकारी, रजनीश कुमार, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, नीतीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मधुबनी (रजनीश के झा), 24 फरवरी। जिले में 26 फरवरी 2026 को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ(मधुबनी) में भूकंप एवं अग्निकांड पर आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्टेकहोल्डर्स यथा-एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, गृहरक्षकों, अग्निशमन कर्मियों एवं आपदा मित्रों के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु अपर समाहर्ता, आपदा, संतोष कुमार के द्वारा ब्रीफिंग सत्र के माध्यम से जानकारी ली गयी। अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा भूकंप के दौरान त्वरित कार्रवाई, राहत एवं बचाव कार्य, घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा प्रभावित क्षेत्र में समन्वित कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

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