सीहोर : कथा समाप्त होने के बावजूद, हजारों की संख्या में पंडाल में मौजूद श्रद्धालु - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

सीहोर : कथा समाप्त होने के बावजूद, हजारों की संख्या में पंडाल में मौजूद श्रद्धालु

  • कुबेरेश्वरधाम पर भक्तों के लौटने का क्रम जारी

Kubereshwar-dham-sehore
सीहोर। रुद्राक्ष महोत्सव शुक्रवार समापन हो गया है। देश के कोने-कोने से भोजन प्रसादी के लिए आए हजारों सेवादारों अपने-अपने गतंव्य की ओर रवाना हो गए है। अब तक के सारे महोत्सव के रिकार्ड टूटने के बाद यहां पर शनिवार को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद है। यहां पर श्रद्धालुओं को नियमित रूप से जारी निशुल्क भंडारे से भोजन प्रसादी की जा रही है। महोत्सव समाप्त होने के बावजूद, लोग पंडाल से नहीं जाते और अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को दोबारा देखने या उनकी एक झलक पाने के लिए बैठे रहते हैं। ऐसा ही कुछ नजारा जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर दिखाई दे रहा है। शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने पंडाल में पहुंचे थे, इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। वहीं अखंड हिन्द फौज के बालक-बालिकाओं से समिति के समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने भेंट की। पंडित श्री मिश्रा ने कहाकि श्री कुबरेश्वर धाम में सात दिवसीय आयोजित भव्य रुद्राक्ष महोत्सव एवं श्री शिव महापुराण कथा के पावन अवसर पर अखंड हिंद $फौज द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा, व्यवस्था सहयोग एवं सनातन धर्म की रक्षा हेतु जो निस्वार्थ, समर्पित और अनुशासित सेवाएं प्रदान की गईं, उसके लिए हम हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हैं। आपका सेवा-भाव, समर्पण और राष्ट्र एवं धर्म के प्रति अटूट निष्ठा इस महोत्सव की सफलता का एक महत्वपूर्ण आधार रही। आपके सहयोग से यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि धर्म, राष्ट्र और संस्कृति के गौरव का जीवंत प्रतीक बन सका। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और इसी प्रकार सनातन सेवा में आपका उत्साह निरंतर बढ़ता रहे।


करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है कुबेरेश्वरधाम

समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि भव्य रुद्राक्ष महोत्सव अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आस्था और उत्साह के साथ समापन किया गया है। शनिवार को सुबह से ही यहां पर समापन के बाद भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने-जाने का क्रम जारी है। पंडित श्री मिश्रा ने अपने संदेश में कहाकि अच्छी सोच, अच्छी भावना और अच्चे विचार, ये तीनों जीवन में सुख-शांति के लिए बहुत जरुरी है। सत्संग और भजन में दिल लगाना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह मन को पवित्र करता है, एकाग्रता बढ़ाता है, और हमें जीवन के वास्तविक उद्देश्य ईश्वर प्राप्ति की ओर ले जाता है, सांसारिक मोह-माया से दूर करता है, और सकारात्मक ऊर्जा व शांति प्रदान करता है, जिससे अंतरात्मा जागृत होती है और सच्ची खुशी मिलती है। जीवन में सुख-शांति तब तक नहीं मिल सकती है, जब तक हमारे विचार नकारात्मक हैं। अच्छी सोच, अच्छी भावनाएं और अच्छे विचार रहेंगे तो सफलता के साथ ही सुख-शांति भी जरूर मिलेगी।

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