वाराणसी : फूलों की महक और रोशनी की चादर में सजा शिवनगरी का हृदय - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

वाराणसी : फूलों की महक और रोशनी की चादर में सजा शिवनगरी का हृदय

  • महाशिवरात्रि पर दुल्हन की तरह सजे शिवालय, बाबा विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सागर 

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वाराणसी (सुरेश गांधी). महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवनगरी में आस्था, सौंदर्य और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित काशी के समस्त शिवालय दुल्हन की भाँति सुसज्जित होकर श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार हैं। मंदिर परिसर से लेकर गलियों, घाटों और प्राचीन देवालयों तक आकर्षक झालरों, रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा और सुगंधित पुष्पमालाओं से पूरा वातावरण अलौकिक आभा से प्रकाशित हो उठा है। भोर से ही मंदिरों में विशेष सजावट का कार्य प्रारंभ हो गया था। बाबा विश्वनाथ धाम को गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, ऑर्किड और विदेशी पुष्पों से भव्य रूप दिया गया है। मंदिर परिसर में आकर्षक पुष्प द्वार बनाए गए हैं, जबकि मुख्य गर्भगृह के आसपास विशेष श्रृंगार कर भगवान शिव के दिव्य स्वरूप को अत्यंत मनोहारी बनाया गया है। विद्युत झालरों की सुनहरी रोशनी जब मंदिर की प्राचीन स्थापत्य कला पर पड़ती है, तो पूरा धाम दिव्य लोक की अनुभूति कराता प्रतीत होता है।


इसी प्रकार वाराणसी के प्राचीन शिवालयों में भी विशेष सजावट की गई है। काशी के ऐतिहासिक मंदिरों, घाटों और गलियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हर ओर हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गुंजायमान है। भक्तगण कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए घंटों प्रतीक्षा करते नजर आ रहे हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन का क्रम निरंतर जारी है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और सुचारु दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बैरिकेडिंग, चिकित्सा शिविर और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी की यह दिव्य सजावट केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक नहीं बल्कि सनातन परंपरा की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का परिचायक भी है। जब फूलों की सुगंध, दीपों की चमक और भक्ति का उल्लास एक साथ मिलते हैं, तब काशी का आध्यात्मिक स्वरूप और अधिक विराट एवं आकर्षक बन जाता है। निस्संदेह, बाबा विश्वनाथ धाम और काशी के शिवालयों की यह अलौकिक सजावट श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन रही है, जो शिवभक्ति की अनंत परंपरा को नई ऊर्जा और भव्यता प्रदान कर रही है।

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