सीहोर : मंदिर परिसर में 1 लाख 80 हजार स्थाई और 60 हजार स्क्वायर फीट में लगाया जा रहा पंडाल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

सीहोर : मंदिर परिसर में 1 लाख 80 हजार स्थाई और 60 हजार स्क्वायर फीट में लगाया जा रहा पंडाल

  • रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर रेल यात्रियों के लिए सुविधा- स्टेशन से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनों का होगा स्टापेज

Rudrakah-mahotsav-sehore
सीहोर। विश्व में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक कुबेरेश्वरधाम में होने वाले आगामी रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर इस बार दुगनी व्यवस्था की है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को बैठने के लिए 1 लाख 80 हजार स्थाई और 60 हजर स्क्वायर फीट  का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है, पंडाल का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीहोर स्टेशन से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनों के ठहराव की सौगात दी है। मंगलवार को विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा और अन्य ने यहां पर हो रही व्यवस्था का जायजा लिया। समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आगामी 14 फरवरी से 20 फरवरी तक होने वाले भव्य आयोजन में देश और विदेश लाखों की संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण करेंगे। इसके अलावा विश्व के प्रसिद्ध संतों और कथा वाचकों, साधुओं के आने की संभावना है। समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए  वाहनों की पार्किंग, पेयजल, शौचालय, स्वयं सेवक, कथा स्थल पर पंडाल आदि की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कोरिडोर का निर्माण किया गया है। आगामी रुद्राक्ष महोत्सव 2026 के भव्य आयोजन को लेकर भारतीय रेलवे ने यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। इस दौरान सीहोर स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का स्टॉपेज दिया जाएगा। कथा के दौरान बेहतर इंतजाम करने एवं लोगों की सुरक्षा के साथ ही नेशनल हाईवे पर आवागमन सुगम बनाए रखने के लिए मार्ग परिवर्तित करने तथा वैकल्पिक मार्ग तथा हेलीपैड स्थल आदि की व्यवस्था की जा रही है। कथा के दौरान पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, अस्थाई शौचालय, पार्किंग, हेल्थ कैम्प, आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, कन्ट्रोल रूम, सहायता केंद्र, मार्ग मरम्मत सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


श्रद्धालुओं से पौधा लगाने की अपील

पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव प्रकृति के आराध्य हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट को देखते हुए शिवरात्रि को पर्यावरण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।


विशाल भोजनशाला में होगा भंडारा

इस बार रुद्राक्ष महोत्सव की भव्यता पहले से कई गुना अधिक होगी। कुबेरेश्वर धाम परिसर में 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में विशाल पक्का पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे।श्रद्धालुओं के लिए 10 एकड़ क्षेत्र में भोजनशाला तैयार की गई है। साथ ही, 1 लीटर पानी की बोतल सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक करीब 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे विभाग के सहयोग से विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है। सुरक्षा के लिए परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं: