
सीहोर। स्वच्छता के जनक संत गाडगे महाराज की जन्म जयंती उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई। महाराज जी की 150 वी जयंती पर रजक समाज ने श्यामपुर रोड मंडी में कार्यक्रम का आयोजन किया। जहां पर समाजजनों ने संत गाडगे महाराज के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर और पुष्प माला अपिर्त कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान समाज के वरिष्ठजन पुरण लाल मालवीय, जमना प्रसाद मालवीय इमरत लाल मालवीय, मुकेश बड़ोदिया ने संत श्री की जीवनी पर प्रकाश डाला कहा कि श्री संत गाडगे महाराज महाराष्ट्र के एक प्रसिद्ध संत, समाज सुधारक और उद्धारक थे। उनका जीवन विशेष रूप से गरीबों, पिछड़े वर्गों, और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए समर्पित था। वे अपने समय के सबसे प्रभावशाली समाज सुधारकों में से एक माने जाते हैं। उनका उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास, और छुआछूत के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। संत गाडगे महाराज का जन्म 23 फरवरी 1876 को हुआ था, उनका जीवन बहुत साधारण और सादा था। वे किसी विशेष आश्रम या मठ के स्थान पर नहीं रहते थे। उनका प्रमुख कार्य समाज सुधार और लोगों को शिक्षा देना था। वे हमेशा गंदे कपड़े पहनते थे और किसी भी भौतिक सुख-सुविधा से दूर रहते थे। उनका मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों का उद्धार था। कार्यक्रम के दौरान श्याम मालवीय, अनिल मालवीय, गोविंद मालवीय, गिरधारी मालवीय, संदीप मालवीय, राकेश मालवीय, शुभम मालवीय, सोनू मालवीय, अमन रजक, धर्मेंद्र मालवीय, राहुल मालवीय, प्रकाश मालवीय, विनोद मालवीय, रितिक मालवीय, प्रिंस मालवीय सहित समाजजन उपस्थित थे।
आष्टा में भी हुए कार्यक्रम
आष्टा नगर में संत गाडगे बाबा का 150 जन्म दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सकल समाज के अध्यक्ष पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, समाज के अध्यक्ष बाबूलाल बिलोर, उपाध्यक्ष कैलाश बंजरिया, समाज के वरिष्ठजन देवी प्रसाद करोरिया, रमेश बिल्लोरे, संतोष मकरैया, डॉक्टर शंकर लाल मकरैया, सुरेश बिल्लौरे सहित अन्य सामाजिक बंधु और महिलाएं उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन सुमित लाल करोरिया ने किया। कार्यक्रम के अंत भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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