सहारनपुर : “तालीम से तरक़्क़ी तक”, चौबारा गांव में जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी का ऐतिहासिक शुभारंभ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 8 फ़रवरी 2026

सहारनपुर : “तालीम से तरक़्क़ी तक”, चौबारा गांव में जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी का ऐतिहासिक शुभारंभ

  • डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया उद्घाटन, शिक्षा को किरदार, इंसाफ़ और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान

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सहारनपुर (रजनीश के झा)। जनपद सहारनपुर के ग्राम चौबारा में शनिवार को जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी का भव्य एवं ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय डॉ. इंद्रेश कुमार, मार्गदर्शक, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा किया गया। यह आयोजन शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे किरदार निर्माण, इंसाफ़, इंसानियत और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनाने के संकल्प के साथ आयोजित किया गया। उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षाविद, सामाजिक चिंतक, धार्मिक विद्वान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को ग्रामीण अंचल में शैक्षिक जागरण की नई और दूरदर्शी शुरुआत बताते हुए एकेडमी के प्रयासों की सराहना की। मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रेश कुमार ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि इंसानियत की वह महफ़िल है जो ईश्वर के सबसे क़रीब होती है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक होना कमजोरी नहीं, बल्कि ताक़त है और देश के नागरिक होने के नाते सभी को संविधान द्वारा समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए सोच और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। एकेडमी की निदेशक श्रीमती आलिया जमाल साहिबा ने स्वागत संबोधन में कहा कि संस्थान का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जीने का सलीका सिखाना, उनकी पहचान को मज़बूत करना और उन्हें अपनी संस्कृति व मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एकेडमी आने वाले वर्षों में समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत बुनियाद बनेगी।


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दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षाविद प्रो. डॉ. इमरान चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी कौम और क्षेत्र की तरक़्क़ी का सबसे मज़बूत रास्ता तालीम है। उन्होंने ड्रॉपआउट रेट को गंभीर चुनौती बताते हुए बच्चों को उच्च शिक्षा तक पहुँचाने के लिए सामूहिक संकल्प की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। जामिया हमदर्द के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा ने अपने वक्तव्य में कहा कि सैनिक वही नहीं जो वर्दी पहनकर सीमा पर खड़ा हो, बल्कि हर वह व्यक्ति सैनिक है जो ईमानदारी से देश की सेवा करता है। उन्होंने कहा कि तालीमी जागरूकता से ही भेदभाव और नफ़रत जैसी मानसिकताओं को समाप्त किया जा सकता है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग (NCMEI) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. डॉ. शाहिद अख़्तर ने कहा कि यह स्कूल केवल एक इमारत नहीं, बल्कि समाज को बेहतर दिशा देने वाली एक रूहानी ताक़त है। वहीं वरिष्ठ नेता एवं सांसद जगदंबिका पाल ने विश्वास जताया कि यह दिन भविष्य में हिंदुस्तान के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा और यह गांव देश को नेतृत्व देने वाले व्यक्तित्व पैदा करेगा। कार्यक्रम में मौलाना शाहिद मज़ाहिरी, डॉ. गुड्डू चौहान, साहब सिंह पुंडीर सहित अनेक शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। देश के विभिन्न राज्यों से जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की सहभागिता ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। समारोह का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी शिक्षा को ज्ञान के साथ-साथ किरदार, इंसाफ़, इंसानियत और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनाएगी।

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