सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में 30 जून 2025 तक बिहार में 6,155 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है। 22 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री ने 8.15 किमी लंबी औंटा–सिमरिया पुल परियोजना (₹1,870 करोड़) तथा गंगा नदी पर 6-लेन पुल का उद्घाटन किया, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क मजबूत हुआ और भारी वाहनों की यात्रा दूरी लगभग 150 किमी कम हुई। इसी दिन बख्तियारपुर–मोकामा (एनएच-31) के चार लेन खंड (₹1,900 करोड़) और एनएच-120 के उन्नत खंडों का उद्घाटन किया गया। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत वाराणसी–रांची–कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तथा बिहार में 1,572 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर (₹46,418 करोड़) स्वीकृत किए गए हैं। रेल क्षेत्र में बिहार में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री ने एक वंदे भारत एक्सप्रेस, दो अमृत भारत एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई तथा अररिया–गलगलिया रेल लाइन का उद्घाटन और विक्रमशिला–कटरिया रेल लाइन की आधारशिला रखी। 20 जून 2025 को वैशाली–देवरिया रेल लाइन (₹400 करोड़ से अधिक) का उद्घाटन और पाटलिपुत्र–गोरखपुर वंदे भारत ट्रेन (वाया मुजफ्फरपुर-बेतिया) का शुभारंभ प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया। बिहार में 98 स्टेशन अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किए जा रहे हैं और छह वंदे भारत ट्रेनें संचालित हैं। बिहार 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो चुका है। 2014 से 490 रेल फ्लाईओवर/अंडरब्रिज बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना मेट्रो परियोजना की आधारशिला वर्ष 2019 में रखी। पटना मेट्रो परियोजना के अंतर्गत 32 किमी मेट्रो लाइन स्वीकृत (₹13,365 करोड़) है। 2024-25 में रेलवे के लिए औसत वार्षिक बजट आवंटन 10,033 करोड़ रुपये है, जो 2009-14 की तुलना में लगभग 9 गुना अधिक है। 2009-14 में यह 1,132 करोड़ था। वर्तमान में 79356 करोड़ की लागत से नए रेललाइन से जुड़े 55 परियोजनाओं का काम बिहार में चल रहा है। हवाई संपर्क के क्षेत्र में 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री के द्वारा पूर्णिया हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन और पहली व्यावसायिक उड़ान का शुभारंभ किया गया। दरभंगा हवाई अड्डा 2020 से उड़ान योजना के अंतर्गत संचालित है। पटना और दरभंगा हवाई अड्डों को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। 16 अगस्त 2024 को बिहटा (पटना) में नए सिविल एन्क्लेव के विकास को ₹1,413 करोड़ की स्वीकृति दी गई। जलमार्गों के क्षेत्र में फरवरी 2024 में कालुघाट अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल तथा बेतिया में दो सामुदायिक जेट्टी का उद्घाटन किया गया। ₹82.48 करोड़ की लागत से निर्मित यह टर्मिनल 77,000 टीईयू वार्षिक क्षमता का है। पर्यटन के लिए प्रसाद योजना के अंतर्गत पटना साहिब और गया के विष्णुपद मंदिर में ₹45 करोड़ से अधिक तथा स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत ₹262 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है। सस्वास्थ्य क्षेत्र में 22 अगस्त 2025 को गया में अस्पताल एवं शोध केंद्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया। दरभंगा में AIIMS (₹1,260 करोड़) की आधारशिला रखी गई। आठ मेडिकल कॉलेजों को केंद्रीय योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिली है। 29 अक्टूबर 2024 को AIIMS पटना में सुविधाओं का विस्तार किया गया। जल एवं स्वच्छता क्षेत्र में मुंगेर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (₹520 करोड़) का उद्घाटन, तथा अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹1,260 करोड़ की जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। 20 जून 2025 को छह एसटीपी (₹1,800 करोड़) का उद्घाटन और ₹3,000 करोड़ से अधिक की जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। कोसी–मेची अंतर-राज्य नदी लिंक परियोजना (₹2,680 करोड़) की आधारशिला भी प्रधानमंत्री के द्वारा रखी गई।
ऊर्जा क्षेत्र में बक्सर ताप विद्युत संयंत्र (660 मेगावाट, ₹6,880 करोड़) तथा पीरपैंती में 2,400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना (₹25,000 करोड़) का उद्घाटन किया गया। बरौनी रिफाइनरी विस्तार (₹11,400 करोड़) तथा HURL उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया गया। आवास एवं शहरी विकास के अंतर्गत 15 सितंबर 2025 को 40,000 से अधिक परिवारों को गृह प्रवेश कराया गया। 20 जून 2025 को पीएमएवाई-शहरी के तहत 53,600 लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की गई। कृषि एवं किसान कल्याण में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की घोषणा, पूर्णिया में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत सेक्स-सॉर्टेड सीमन सुविधा की स्थापना तथा पीएम-किसान के तहत 73.6 लाख किसानों को लाभ पहुंचाया गया। शिक्षा के क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय का नया परिसर, आईआईएम बोधगया एवं आईआईटी पटना के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया गया। फ्लैगशिप योजनाओं के अंतर्गत बिहार में 6.73 करोड़ जनधन खाते, 1.97 करोड़ जीवन ज्योति बीमा, 3.83 करोड़ सुरक्षा बीमा, 3.29 लाख करोड़ रुपये मुद्रा ऋण, 75.1 लाख अटल पेंशन सदस्य, 1.60 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल, 1.16 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शन, 1,084 जन औषधि केंद्र, 4.13 करोड़ आयुष्मान कार्ड तथा 871 लाख से अधिक पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना लाभार्थी शामिल हैं। इन सभी पहलों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को पूर्वी भारत के विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

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