- अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने किया कथा स्थल आदि का निरीक्षण
भव्य रूप से विठलेश सेवा समिति ने की तैयारियां
आयोजन को भव्य रूप देने के लिए गिरिराज की परिक्रमा के पश्चात धाम पर लौटे अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बुधवार को कथा स्थल के अलावा अस्थाई भोजनशाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस बार धाम पर ही 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट के इस पंडाल में एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु बैठ सकेंगे। कुबेरेश्वर धाम में उन्हें सिर्फ 5 रुपए में 1 लीटर पानी की बोतल मिलेगी। श्रद्धालुओं के भोजन के लिए 10 एकड़ में भोजनशाला तैयार की गई है। समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि मौजूद थे। महोत्सव की सफल और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने धाम का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मंदिर प्रांगण में एक स्थायी कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन आसान और सुरक्षित हो। भोजनशाला के निकासी द्वार के पास स्थित नाले को जाली से ढकने का भी निर्देश दिया गया, ताकि कोई दुर्घटना न हो। धाम पर समिति के द्वारा पूरी तैयारियां की गई है।
प्रशासन कर रहा तैयारियां
कथा के दौरान बेहतर इंतजाम करने एवं लोगों की सुरक्षा के साथ ही नेशनल हाईवे पर आवागमन सुगम बनाए रखने के लिए मार्ग परिवर्तित करने तथा वैकल्पिक मार्ग तथा हेलीपैड स्थल के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कथा के दौरान पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, अस्थाई शौचालय, पार्किंग, हेल्थ कैम्प, आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, कन्ट्रोल रूम, सहायता केंद्र, मार्ग मरम्मत सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं से पौधा लगाने की अपील
पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव प्रकृति के आराध्य हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट को देखते हुए शिवरात्रि को पर्यावरण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।
विशाल भोजनशाला में होगा भंडारा
इस बार रुद्राक्ष महोत्सव की भव्यता पहले से कई गुना अधिक होगी। कुबेरेश्वर धाम परिसर में 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में विशाल पक्का पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे।श्रद्धालुओं के लिए 10 एकड़ क्षेत्र में भोजनशाला तैयार की गई है। साथ ही, 1 लीटर पानी की बोतल सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक करीब 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे विभाग के सहयोग से विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है। सुरक्षा के लिए परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
सात दिन, अलग-अलग संतों का आगमन
महोत्सव सात दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग संत कथा में शामिल होंगे, ताकि एक दिन में अत्यधिक भीड़ न हो।17 फरवरी को विशेष रूप से बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। इसके अलावा विभिन्न दिनों में देश के मंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथि भी कथा में भाग लेंगे।
कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक रुद्राक्ष महोत्सव
जिले के कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक भव्य रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस बार यह आयोजन 'ग्रीन शिवरात्रिÓ की थीम पर होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता है। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक वैश्विक अभियान है।

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