पटना (रजनीश के झा)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर (ICAR-RCER), पटना एवं राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के संयुक्त तत्वावधान में लघु एवं सीमांत कृषक कार्यशाला – सह – मात्स्यिकी, यांत्रिकी, बागवानी एवं पशु मेला अन्तर्गत “समेकित कृषि प्रणाली एवं फसल विविधीकरण” विषय पर दिनांक 14–15 फरवरी 2026 को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी में किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्वी चंपारण जिले के लगभग 4000 किसानों ने सहभागिता की, जिनमें अनुसूचित जाति के करीब 250 किसान शामिल थे। कार्यशाला का शुभारम्भ बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने किया और उन्होंने किसानों से नई-नई कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि प्रणालियों से अवगत कराते हुए उनकी आय में वृद्धि करना तथा बदलते जलवायु परिदृश्य में खेती को अधिक सुरक्षित, स्थायी और लाभकारी बनाना है। समापन समारोह (15 फरवरी 2026) के मुख्य अतिथि माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर रहे। उन्होंने कृषि संस्थानों द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कृषि के क्षेत्र में नवाचार अपनाने से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
रविवार, 15 फ़रवरी 2026
पटना : समेकित कृषि प्रणाली एवं फसल विविधीकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन
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