सीहोर : जमीन घोटाला, ग्राम के लोगों ने जनसुनवाई और एसपी को सौंपा ज्ञापन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 31 मार्च 2026

सीहोर : जमीन घोटाला, ग्राम के लोगों ने जनसुनवाई और एसपी को सौंपा ज्ञापन

Jan-sunwai-sehore
सीहोर। जिले के ग्राम सेवनिया में जमीन विवाद अब गंभीर आपराधिक मामले में तब्दील हो गया है। पीड़ित किसान ने पुलिस और पटवारी पर मिलीभगत कर उसकी खरीदी गई जमीन पर जबरन कब्जा कराने का आरोप लगाया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत के साथ ग्रामीणों ने जनसुनवाई और एसपी को आवेदन देकर दोषियों पर कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि पीड़ित किसान पप्पू कौशल के अनुसार, उसने वर्ष 2012 में गांव के ही हनुमंत सिंह से करीब 11 लाख 75 हजार रुपये में जमीन खरीदी थी। इस सौदे के लिए विधिवत अनुबंध किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि पूरी राशि मिलने के बाद रजिस्ट्री कराई जाएगी। किसान का आरोप है कि पूरी रकम चुकाने के बावजूद आरोपी वर्षों तक रजिस्ट्री टालता रहा, जिससे जमीन पर उसका अधिकार अधर में लटका रहा। मामले ने 16 मार्च को उस वक्त उग्र रूप ले लिया, जब मंडी थाना टीआई और हल्का पटवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि बिना किसी वैध दस्तावेज या न्यायालयीन आदेश के खेत में सीमेंट के खंभे गाड़कर तारबंदी शुरू कर दी गई। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई। घटना के दौरान साक्ष्य मिटाने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित के अनुसार, बटाईदार हरिओम द्वारा बनाए जा रहे वीडियो को पुलिस ने जब्त कर डिलीट कर दिया। इतना ही नहीं, हरिओम और उसके पिता दिलीप को थाने ले जाकर कथित रूप से मारपीट की गई और घंटों तक हिरासत में रखा गया। बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया। मामले से नाराज ग्रामीणों ने पहले सड़क पर प्रदर्शन किया और अब जनसुनवाई में एसडीएम तन्मय वर्मा और एसपी आफिस में एएसपी सुनीता रावत को ज्ञापन सौंपा है।  भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत और गांव के किसान पप्पू कौशल, दिलीप सिंह, लखन सिंह मेवाड़ा, बहादुर सिंह, विक्रम राठौर, राय करण, राजाराम, संतोष, प्रहलाद। दुर्गा प्रसाद, बबलू मेवाड़ा, मोर सिंह, प्रहलाद सिंह, देव सिंह सहित अनेक किसानों ने जन सुनवाई और एएसपी सुनीता रावत को ज्ञापन सौंपकर पीडित किसान को न्याय दिलाने की मांग की।किसानों ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

कोई टिप्पणी नहीं: