मधुबनी- 25 अप्रैल। नगर निगम क्षेत्र के सरकारी तालाबों को अतिक्रमणमुक्त कराने में रहिका अंचल कार्यालय, नगर निगम प्रशासन की उदासीनता को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरु हो गई है। नगर निगम क्षेत्र की अतिक्रमित 32 सरकारी तालाबों को लेकर ‘लक्ष्य तक’ की ‘पारंपरिक जल स्रोत से जल संरक्षण की सफर’ अभियान का शहर के लोगों पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव सामने आ रहा है। अभियान को लेकर शुक्रवार को कोर्ट परिसर स्थित अधिवक्ता अजय झा यश की अध्यक्षता में परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता अजय यश ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के अतिक्रमित सरकारी तालाब को मुक्त कराने के लिए सड़क से लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। सैरात सूची में शामिल तालाबों के लिए संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को कार्रवाई में तेजी लाना चाहिए। सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लोगों को एकजुट होने का समय आ गया है। तालाबों बचाने के लिए स्थानीय लोगों में जागरुकता की जरूरत है। तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लोगों में उत्साह है। लोग इस कार्य में प्रशासन को सहयोग करने का मन बना लिया है। परिचर्चा में अधिवक्ता सुनील कुमार लाल दास, संतोष सम्राट,अधिवक्ता लिपिक मनीष यादव, शशि कुमार सहित अन्य ने हिस्सा लिया।
शनिवार, 25 अप्रैल 2026
मधुबनी : सरकारी तालाबों के लिए लड़ी जाएगी कानूनी लड़ाई : अधिवक्ता अजय झा यश
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