कविता : मेरी डायरी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 26 अप्रैल 2026

कविता : मेरी डायरी

Vandana-ganv-ki-awaz
हर दिन जिंदगी को मैं,

कुछ इस तरह मोड़ देती हूं,

आए जब भी याद मुझे,

अपनी डायरी को भर देती हूँ,

खुद को पढ़ती हूँ और,

फिर यूं ही छोड़ देती हूँ,

एक पन्ना जिंदगी का मैं,

हर रोज इस तरह मोड़ देती हूँ,

याद आए कुछ भी मुझे, लिख देती हूँ,

दो लाइन में अपनी डायरी को मैं,

हर दिन यूं कलम से भर देती हूँ।।



वंदना

उम्र 26 वर्ष

डूंगरी, उत्तराखंड

टीम गांव की आवाज 

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