- “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जिसे जो पिएगा, वह दहाड़ेगा” आज शिक्षा हमारे समाज की सबसे पहली जरूरत : मनोज भारती

पटना (रजनीश के झा), 14 अप्रैल। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज जन सुराज पार्टी द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक न्याय, समानता एवं संविधान के मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि आज हम सभी लोग पार्टी कार्यालय में बाबा साहेब की 135वीं जयंती मना रहे हैं। यह ऐसा अवसर है जब हमें हर वर्ष यह स्मरण करने की आवश्यकता होती है कि हम जन सुराज पार्टी को किस उद्देश्य से लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज में दो महान विभूतियों महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर को विशेष स्थान दिया गया है। गांधी जी से हमें विचारों की शुद्धता और कर्मठता की प्रेरणा मिलती है, जबकि डॉ. अम्बेडकर हमें शिक्षा और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाते हैं। मनोज भारती ने कहा कि अगर बिहार में वास्तविक बदलाव लाना है, तो उसका एकमात्र रास्ता शिक्षा है। बाबा साहेब ने भी कहा था कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जिसे जो पिएगा, वह दहाड़ेगा।” आज शिक्षा हमारे समाज की सबसे पहली जरूरत है और जहां शिक्षा की बात होती है, वहां डॉ. अम्बेडकर की प्रासंगिकता स्वतः सामने आ जाती है। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब ने दलितों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, आज उसी प्रकार के प्रयास बिहार के लोगों को अपने समाज के उत्थान के लिए करने होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में बिहारी समाज जिस प्रकार के भेदभाव और अपमान का सामना करता है, उसे समाप्त करने के लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं, और यह कार्य जन सुराज ही प्रभावी रूप से कर सकता है।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों पहले किए गए वादे जैसे हर परिवार को जमीन और शिक्षा की व्यवस्था आज भी अधूरे हैं। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, जहां आए दिन हत्या, दुष्कर्म और आगजनी की घटनाएं सामने आती हैं। नीतीश कुमार के राजनीतिक बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज भारती ने कहा कि जिस चेहरे पर चुनाव लड़ा गया और जिससे जनता से वोट मांगा गया, उसे कुछ ही महीनों में हटाया जाना जनता के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा किए गए वादों का क्या हुआ? राज्य की आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री बदलना जनता के साथ एक और धोखा है। इस अवसर पर जन सुराज के वरिष्ठ नेता सुभाष कुशवाहा, प्रो. शशिकांत, आर.एन. सिंह, गजेंद्र मांझी, पद्मा ओझा, एन.पी. मंडल, सिद्धनाथ राय सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता व न्याय स्थापित करने का संकल्प लिया।
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