सीहोर : दो मई से आठ मई तक मऊाखेड़ी में आयोजित किया जाएगा रुद्र महायज्ञ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 1 अप्रैल 2026

सीहोर : दो मई से आठ मई तक मऊाखेड़ी में आयोजित किया जाएगा रुद्र महायज्ञ

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सीहोर। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक मंदिरों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। अब अपै्रल से मई तक यज्ञ संचालक पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में सीहोर बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर में 19 अपै्रल से श्रीराम महायज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अलावा ग्राम कुलाश में 25 अपै्रल से एक मई, ग्राम मऊाखेड़ी में दो मई से आठ मई और रामा खेड़ी में मारुति नंदन महायज्ञ भी दो मई से आठ मई तक आयोजित किया जाएगा। ग्राम मऊाखेड़ी तकीपुर में आगामी दो मई से आठ मई तक होने वाले रुद्र महायज्ञ के पूर्व ध्वजारोहण के अलावा भूमि पूजन का कार्य यज्ञ संचालक पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में संपन्न किया गया है। इस मौके पर प्रधान यजमान के रूप में जगदीश मंदिर चल समारोह के पूर्व अध्यक्ष सुरेश परमार गब्बर ने तीन लाख 11 हजार की राशि महोत्सव में सहयोग करेंगे। इसके अलावा संपूर्ण ग्राम अपनी ओर से सहयोग कर रहा है। समस्त ग्राम के सहयोग से ग्राम मऊाखेड़ी में रुद्र महायज्ञ के साथ भगवान शंकर की प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा दिव्य अनुष्ठान समापन किया जाएगा। इस मौके पर प्रसादी का वितरण भी किया जाएगा। पंडित श्री कटारे ने बताया कि हमारे ब्रह्मलीन पिता श्री द्वारा करीब 232 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है और हमारे द्वारा भी अब तक 88 से अधिक मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा हो चुकी है और करीब 12 मंदिर निर्माणाधीन है। उन्होंने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में मंदिरों के निर्माण कार्य में वह सनातन धर्म के साथ लगे रहते है।


मंदिरों का जीर्णोंद्धर के साथ सनातन की सेवा

100 से अधिक मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ अनेक मंदिरों का निर्माण करने का लक्ष्य लेकर चल रहे पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक मंदिरों का जीर्णोंद्धर किया गया है। मंदिरों का जीर्णोद्धार सनातन धर्म की रक्षा, आध्यात्मिक ऊर्जा के पुनर्स्थापन और सांस्कृतिक धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का एक पवित्र कार्य है। यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि देवताओं की सेवा, आस्था के केंद्रों का संरक्षण और स्थानीय समुदाय को जोड़कर सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम है, जो आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंदिरों के निर्माण या जीर्णोद्धार में सहायता करना सबसे बड़े पुण्य कार्यों में से एक है। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से सनातन धर्म और राष्ट्र धर्म से प्रेरित होकर कर रहे है। मानव का जीवन धर्म के कार्य के लिए मिला है। इसलिए उन्होंने संदेश दिया कि धर्म के लिए सदैव समर्पित रहे। 

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