सीहोर : पहली बार आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल भारत की कार्यकारिणी की बैठक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 25 अप्रैल 2026

सीहोर : पहली बार आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल भारत की कार्यकारिणी की बैठक

  • संत समाज, जागरूक लोगों का कर्तव्य है हमारी सनातनी धर्म और संस्कृति को बचाना : महामडलेश्वर रामभूषण दास महाराज

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सीहोर। संत समाज, जागरूक लोगों का कर्तव्य है हमारी सनातनी धर्म और संस्कृति को बचाना। संस्कृति को खत्म करने का एक सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचा जा रहा है। सनातनी परंपराएं और संस्कृति इतनी मजबूत है कि मुगल और अंग्रेज भी इसे खत्म नहीं कर पाए लेकिन अंग्रेज जाते-जाते हमारी मानसिकता में जो अंग्रेजी का और पश्चिमी सभ्यता का बीजारोपण कर गए उसक कारण हमारी संस्कृति को खतरा उत्पन्न होने लगा है। आज हम स्वयं ही हमारी संस्कृति के सबसे बड़े दुश्मन हो गए है। पश्चिमी सभ्यता हमारे उपर हावी है। उक्त विचार शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में शनिवार को आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल-भारत की राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहे। महामंडलेश्वर महाराज मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। इस मौके पर अनेक विषय पर यहां पर मौजूद संतों ने चर्चा की। संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल-भारत सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्यरत साधुओं का एक प्रमुख संगठन है। इस मंडल की बैठकों में देशभर के साधु-संत शामिल होते हैं, जिसमें महंत रामभूषण दास महाराज जैसे वरिष्ठ संतों की प्रमुख भूमिका रही है। यह मंडल हिंदू धर्म के संरक्षण व प्रसार के लिए कार्य करता है। इस मौके पर संतों ने सभा को संबोधित किया। सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति का संरक्षण करने के लिए वेदों, पुराणों और सांस्कृतिक मूल्यों का अध्ययन, युवाओं को भारतीय इतिहास व नैतिक शिक्षा देना, और अपनी परंपराओं का अनुसरण करना आवश्यक है। इसमें जातिगत भेदभाव को भुलाकर हिंदू एकता, धर्म का प्रचार, और दया व सेवा जैसे मूल सिद्धांतों को अपनाना महत्वपूर्ण है।


संकल्प के साथ आज से भव्य पंच कुण्डात्मक महायज्ञ शुरू

भव्य पंच कुण्डात्मक श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ आरंभ हो गया है। शनिवार को सुबह मंदिर परिसर में महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास महाराज के सानिध्य में बड़ी संख्या में यज्ञ में बैठने वाले यजमानों ने संकल्प लिया। इस दौरान संत माधवदास महाराज, मुख्य यजमान श्रीमती अखिलेश राय, महाकुंभ कलश प्रभारी सन्नी सरदार, बजरंग दल अध्यक्ष जगदीश कुशवाहा, रजत मुंदडा, यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास आदि शामिल थे। अब यज्ञाचार्य श्री व्यास के मार्गदर्शन में रविवार को सुबह आठ बजे पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, देवताओं का आह्वान और अग्रि स्थापना आदि की दिव्य क्रिया की जाएगी। 

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