रहता है मुझे हर रविवार इंतजार इसका,
जिसमें करते हैं हम ढेर सारी मस्ती,
होती प्यारी सी एक दिशा दीदी,
दिशा दीदी नई दिशा दिखाती,
वो वर्कशॉप में जो सीख कर आती,
ढेर सारे खेल वह सब हमें सिखाती,
हंसते हैं और मन की बातें कहते हैं हम,
नाचते गाते और यहां खुश रहते हैं हम।।
गुंजन परिहार
कक्षा 6
जखेड़ा, उत्तराखंड
टीम गांव की आवाज

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