- विशाल भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने की प्रसादी ग्रहण
ध्यान से परमात्मा की प्राप्ति संभव
यज्ञ संचालक श्री-श्री 108 पंडित दुर्गा प्रसाद कटारे बाबा ने कहाकि ध्यान से परमात्मा की प्राप्ति संभव है। ध्यान से पाप का नाश होता है। जीवन चक्र के संचित पाप को ध्यान के माध्यम से मिटाया जा सकता है। ध्यान के बाद अंदर से अग्नि प्रज्वलित होगी, जो संचित पाप को जलाकर भस्म कर देगी। सत्संग के सानिध्य से ही मानव का कल्याण संभव है। सत्संग के प्रभाव से मनुष्य में बुरे कर्मो को त्यागने की प्रवृति जागृत होती है। अच्छे कर्मों से अच्छा तथा बुरे कर्मों से बुरा फल प्राप्त होता है। इसलिये हर मनुष्य को बुरे कर्मों का त्याग कर अच्छे कर्म करना चाहिए। उन्होंने ध्यान योग की चर्चा करते हुए कहा कि मन काफी चंचल होता है। मन विषय की तरफ भागता है। जिसे कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए। शुन्यगत मन को ध्यान कहा जाता है। पांच पाप को त्याग करने से ही ध्यान संभव है। मन की चंचलता निरंतर अभ्यास करने से दूर होगा। इसलिये एक बिंदु पर दृष्टि टिकाकर एकाग्रचित्त होकर ध्यानाभ्यास किया जाता है। सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला एवं लोगों को संतमत के बतलाये मार्ग को अपने जीवन में अनुसरण करने की बात कही। संध्याकालीन व प्रात: कालीन सत्संग ज्ञान सभा में क्षेत्र की महिला व पुरुष सत्संग प्रेमियों ने महात्माओं के प्रवचन का श्रवण किया।
बस स्टैंड पर उमड़ा आस्था का सैलाब
शहर के बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर में जारी भव्य श्री 21 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन पूरी दिव्यता के साथ किया गया। इस मौके पर लगातार सात दिनों तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें