कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुरेश जैन ने सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है, जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए योगदान दे। इस अवसर पर ‘अंबेडकर रत्न पुरस्कार’ उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया गया, जिन्होंने सामाजिक न्याय और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इस वर्ष यह सम्मान प्रो. अजय कुमार भागी, प्रो. सुभाष आनंद, प्रो. अमित कुमार सिंह और श्रीमती निदर्शना गोवानी को प्रदान किया गया। इसके साथ ही ‘अंबेडकर फेलोशिप पुरस्कार’ के अंतर्गत 15 पीएचडी शोधार्थियों को सम्मानित किया गया, जो अपने अनुसंधान कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। यह पहल युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की प्राचार्या एवं संरक्षक प्रो. डॉ.नीलम गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। वहीं, सीएसडी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार फलवारिया ने अपनी टीम के साथ आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। संस्था की ओर से वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, साथ ही पत्रिका का लोकार्पण और एक फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से सामाजिक विकास के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। मंच का संचालन सीएसडी महामंत्रीडाॅ. सुप्रिया कामना एवं वार्षिक का वाचन महामंत्री डॉ. मनीष कुमार ने किया। आयोजन समिति के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा शोधार्थियों को प्रेरित करना तथा राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन के लिए सार्थक अनुसंधान को बढ़ावा देना है। यह आयोजन सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता पर संवाद का एक प्रभावी मंच साबित हुआ।
नई दिल्ली (संवाददाता)। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज एवं सेंटर फॉर सोशल डेवलपमेंट (सीएसडी) के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सीएसडी के स्थापना दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ, जिसमें ‘अंबेडकर रत्न पुरस्कार’ एवं ‘अंबेडकर पीएचडी फेलोशिप पुरस्कार’ प्रदान किए गए। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए विशिष्ट अतिथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र-निर्माण में योगदानों की समानताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों की जयंती वर्ष के संदर्भ में इस प्रकार का आयोजन विशेष महत्व रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि 3 जून 1947 को गठित अंतरिम मंत्रिमंडल में दोनों नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो उनके राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण को दर्शाती है। अपने वक्तव्य में मंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल वंचित और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के प्रतीक नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी चिंतक, प्रख्यात अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और समाज सुधारक भी थे। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

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