- नर्सरी से 11वीं तक के छात्रों को मिला सम्मान, अभिभावकों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच मेधावियों को मिला सम्मान, तालियों से गूंजा परिसर
संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद स्वागत गीत और छात्र-छात्राओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति की झलक और विद्यार्थियों की प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला।
अभिभावकों की सहभागिता ने बढ़ाई गरिमा
समारोह की सबसे भावुक तस्वीर तब उभरी, जब अभिभावकों ने अपने बच्चों को मंच पर सम्मानित होते देखा। तालियों की गूंज और आंखों में खुशी के आंसू इस बात के साक्षी बने कि बच्चों की सफलता के पीछे परिवार का योगदान कितना महत्वपूर्ण होता है। यह उपस्थिति न केवल उत्साहवर्धन थी, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी।
सम्मान के सुनहरे पल
समारोह का मुख्य आकर्षण रहा मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और पदक प्रदान कर सम्मानित करना। मंच पर जब एक-एक कर छात्र-छात्राएं अपने पुरस्कार लेने पहुंचे, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर चेयरमैन विजय कुमार जायसवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा, सफलता कोई मंजिल नहीं, बल्कि एक सतत यात्रा है, जिसमें निरंतर सीखना और आगे बढ़ना ही असली उपलब्धि है। वहीं, अतिरिक्त निदेशक ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
समापन में कृतज्ञता और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलीप कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल छात्रों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उन्हें जीवन में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा भी देते हैं। इसके बाद अतिथियों का सम्मान और सामूहिक छायांकन के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ, जिसमें हर चेहरे पर संतोष और गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
शिक्षा का उद्देश्य : ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण
“प्रतिभा 2026“ केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि उस विचार का जीवंत उदाहरण बना, जिसमें शिक्षा का लक्ष्य केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि “बुद्धिमत्ता के साथ चरित्र का निर्माण ही सच्ची शिक्षा का अंतिम उद्देश्य है।“ सभी पुरस्कृत विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई, आपका यह प्रयास आने वाले कल की सफलता की मजबूत नींव है।

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