- भोलानाथ गुप्ता मेमोरियल इंटर-स्कूल टूर्नामेंट में रन, रोमांच और रुतबा, एसएनएस की जुझारू कोशिश भी पड़ी फीकी
- भविष्य के सितारे अब स्कूल के मैदानों से ही चमक रहे हैं : नीलकांत गुप्ता
लीग मुकाबले : शुरुआत से ही हाई-वोल्टेज टक्कर
टूर्नामेंट के लीग मुकाबलों में ही साफ हो गया था कि इस बार मुकाबला आसान नहीं होगा। मुकाबला कांटे का होगा। पहले मैच में वीपीएस राजातालाब ने अपने इरादे जाहिर करते हुए पी.एस. पब्लिक स्कूल को 50 रनों से करारी शिकस्त दी। इस मैच में राजातालाब के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। दूसरे मैच में एसएनएस पब्लिक स्कूल और वीपीएस केराकतपुर के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई। आखिरी ओवर तक चले इस मुकाबले में एसएनएस ने 4 विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल किया। यह मैच टूर्नामेंट का पहला ‘थ्रिलर’ साबित हुआ।
फाइनल : रन बरसे, रोमांच चरम पर
फाइनल मुकाबला जैसे ही शुरू हुआ, माहौल पूरी तरह ‘क्रिकेटमय’ हो गया। वीपीएस राजातालाब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, और यही फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया। राजातालाब के बल्लेबाजों ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। पावरप्ले में ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी। देखते ही देखते स्कोरबोर्ड रॉकेट की रफ्तार से दौड़ने लगा। महज 10 ओवर में टीम ने 168 रन ठोककर विपक्ष के सामने ‘पहाड़’ जैसा लक्ष्य खड़ा कर दिया.
एसएनएस की संघर्षपूर्ण पारी, लेकिन लक्ष्य रहा दूर
168 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसएनएस पब्लिक स्कूल की टीम ने भी हार नहीं मानी। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरने की कोशिश की और बीच-बीच में बड़े शॉट्स भी लगाए। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, राजातालाब के गेंदबाजों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। सही समय पर विकेट गिराकर उन्होंने मैच को अपने पक्ष में बनाए रखा। अंततः एसएनएस की टीम 10 ओवर में 152 रन ही बना सकी और 16 रनों से मुकाबला गंवा बैठी।
गेंदबाजी का हीरो : आयुष्मान का कमाल
फाइनल में जीत के असली हीरो बने आयुष्मान जायसवाल, जिन्होंने अपनी सटीक और धारदार गेंदबाजी से विपक्ष की कमर तोड़ दी। उन्होंने 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख ही बदल दिया और ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया।
जश्न, सम्मान और खेल भावना की जीत
जैसे ही अंतिम गेंद फेंकी गई, राजातालाब के खिलाड़ियों में जश्न की लहर दौड़ गई। मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जुनून, अनुशासन और टीम भावना का संगम है। यहां हर खिलाड़ी ने न सिर्फ जीत के लिए खेला, बल्कि खेल भावना की मिसाल भी पेश की। राजातालाब की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, रणनीति और आत्मविश्वास की जीत है। वहीं, एसएनएस पब्लिक स्कूल ने भी जिस जज्बे से मुकाबला किया, उसने दिल जीत लिया। क्रिकेट के इस संग्राम ने साफ कर दिया, भविष्य के सितारे अब स्कूल के मैदानों से ही चमक रहे हैं।

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