- महिला सम्मेलन से लेकर शहर की सफाई तक हर मोर्चे पर परफेक्ट हो तैयारी, जुलाई तक बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
महिला सम्मेलन पर विशेष फोकस
सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान प्रस्तावित महिला सम्मेलन को लेकर विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिया कि सम्मेलन में आने वाली महिलाओं के आवागमन, बैठने, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की महिला सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन भी है, इसलिए इसकी भव्यता और सुव्यवस्था दोनों सुनिश्चित होनी चाहिए।
शहर की सफाई और व्यवस्था पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने काशी की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पूरे शहर में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कहीं भी गंदगी की तस्वीर सामने नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं और स्ट्रीट डॉग्स को आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया। स्ट्रीट वेंडरों के व्यवस्थित संचालन पर भी जोर देते हुए कहा कि यातायात और सौंदर्य दोनों प्रभावित न हों।
विकास परियोजनाओं की समीक्षा, काम में तेजी के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान लोकार्पण और शिलान्यास होने वाली परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रोप-वे परियोजना की गति पर संतोष जताते हुए इसे और तेज करने के निर्देश दिए। गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्टेडियम का निर्माण कार्य जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अलावा मणिकर्णिका घाट और दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को भी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा करने का निर्देश दिया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
इस अहम बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी तैयारियों पर अपने सुझाव दिए। वहीं मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी समेत सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंप दी गई है। प्रधानमंत्री के संभावित वाराणसी दौरे को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों ने यह साफ कर दिया है कि काशी में इस बार सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की एक नई मिसाल पेश करने की तैयारी है।

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