सीहोर : आज ग्राम महुआखेड़ी में निकाली जाएगी भव्य कलश यात्रा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 1 मई 2026

सीहोर : आज ग्राम महुआखेड़ी में निकाली जाएगी भव्य कलश यात्रा

  • लगातार सात दिनों तक किया जाएगा शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम महुआखेड़ी में सात दिवसीय विशाल एकादश कुण्डिय श्री रुद्र महायज्ञ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन ग्राम महुआखेड़ी तकीपुर में शनिवार से यज्ञ संचालक पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ सुबह दस बजे कलश यात्रा के साथ की जाएगी। कलश यात्रा में 51 जोड़े एक साथ वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां देंगे। महोत्सव के मुख्य यजमान परमार समाज चल समारोह के पूर्व अध्यक्ष सुरेश गब्बर परमार ने बताया कि सभी ग्रामीणजनों के सहयोग से पंडित श्री कटारे बाबा के मार्गदर्शन में एकजुटता के साथ ग्राम महुआखेड़ी में भव्य-दिव्य  एकादश कुण्डिय श्री रुद्र महायज्ञ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरूआत शनिवार से कलश यात्रा के साथ होगी और प्रतिदिन रात्रि को रामलीला के कलाकारों के द्वारा भगवान की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। उन्होंने ग्राम सहित आस-पास के सभी क्षेत्रवासियों से महोत्सव में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि महोत्सव के यज्ञाचार्य पंडित दीपक शास्त्री और संत गोपाल आदि का ग्रामवासियों ने स्वागत सम्म्मान किया। इस मौके पर पंडित कटारे बाबा ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख महीने की पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी होती है। इस दिन बुद्ध भगवान का जन्म भी हुआ था इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु को वैशाख माह अति प्रिय है। मिलता है दान का अक्षय फल पुराणों में कहा गया है कि इस वैशाख महीने की पूर्णिमा पर श्रद्धा अनुसार किए गए दान का पुण्य कभी खत्म नहीं होता। इससे इस लोक के साथ परलोक में भी सुख प्राप्ति होती है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन तिल, अन्न और जल दान करने का सबसे ज्यादा महत्व है। ये सोना, चांदी, हाथी और घोड़ों के दान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अन्न और जल दान से मानव, देवता, पितृ सभी को तृप्ति मिल जाती है। शास्त्रों के अनुसार कन्यादान को भी इन सभी के बराबर माना जाता है।

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