- मधुबनी के धार्मिक स्थलों को मिलेगा नया स्वरूप, विश्वामित्र स्थान एवं कल्याणेश्वर मंदिर के विकास हेतु टेंडर जारी
- कल्याणेश्वर महादेव मंदिर का होगा भव्य सौंदर्यीकरण धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में मधुबनी को मिलेगी नई पहचान।
जारी टेंडर के अनुसार हरलाखी स्थित विश्वामित्र आश्रम के विकास एवं सौंदर्यीकरण पर लगभग 1327.63 लाख रुपये तथा कल्याणेश्वर महादेव मंदिर के रिनोवेशन एवं पर्यटन विकास कार्य पर लगभग 1360.99 लाख रुपये की राशि व्यय की जाएगी। विश्वामित्र आश्रम धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। मान्यता है कि महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि होने के कारण यह स्थान आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। वहीं कल्याणेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं एवं लोकआस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि दोनों स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से न केवल मधुबनी जिले में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा, बल्कि संपूर्ण बिहार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूर्ण होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, आकर्षक परिसर, सुगम आवागमन एवं आधुनिक पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार, होटल एवं परिवहन व्यवसाय सहित अनेक क्षेत्रों को भी सकारात्मक लाभ मिलेगा। साथ ही मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण होने के बाद मधुबनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

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