सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी सम्मान की अपील करते हुए, मुस्लिम संगठनों ने बृहस्पतिवार को ईद-उल-अज़हा की नमाज के बाद दिल्ली के सीलमपुर इलाके में प्रदर्शन किया और गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ‘गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो’ लिखी तख्तियां और पोस्टर हाथों में लेकर न्यू सीलमपुर की संकरी गलियों में मार्च निकाला। यह प्रदर्शन ईद-उल-अज़हा से पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा उठाई गई मांग के समर्थन में किया गया। उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा इस मांग को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘यह पहल देश में भाईचारे को मजबूत करने और शांति एवं सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से की गई है।’’ एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि गाय ‘‘भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक’’ है और उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। अन्य लोगों ने कहा कि यह पहल समुदायों के बीच सम्मान को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से भी की गई। यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ऐसी मांगें हिंदू संगठन करते रहे हैं। कई राज्यों में कई मुस्लिम संगठनों ने मदनी की इस अपील का समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से गो-हत्या को लेकर राजनीतिक तनाव कम होगा तथा इस मुद्दे से जुड़ी भीड़ हिंसा की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
गुरुवार, 28 मई 2026
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मुस्लिम संगठनों ने सांप्रदायिक सौहार्द की अपील की, ईद पर गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग
मुस्लिम संगठनों ने सांप्रदायिक सौहार्द की अपील की, ईद पर गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग
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