सीहोर : नवनिर्मित मंदिर में आज होगी देवप्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 7 मई 2026

सीहोर : नवनिर्मित मंदिर में आज होगी देवप्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा

  • हीरापुर में आज होगा महा आरती और भंडारे का आयोजन

New-mandir-sehore
सीहोर। ग्राम हीरापुर में सप्तदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में आचार्य पंडित ओमप्रकाश शर्मा, कथावाचक पंडित ब्रजेंद्र व्यास,यज्ञ आचार्य पंडित अनिल शर्मा,पंडित प्रशांत तिवारी, पंडित सुनील शर्मा,पंडित प्रकाश शर्मा, पंडित कपिल शर्मा, पंडित जगदीश शर्मा, पंडित मनोज शर्मा, पंडित हरिओम शर्मा,पंडित ब्रजेंस शर्मा व अन्य विप्रजनों, संतजनों की उपस्थिति में वेद मन्त्र उच्चारित्र कर आज श्रीराम दरवार व भगवान रूद्र की प्रतिमाओ की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी आज पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हीरापुर में आयोजित महायज्ञ से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है और आयोजन में आसपास के गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण जन कथा सुनने आ रहे है। वैदमंत्रों की गूंज और आहुतियों की सुगंध से समूचा क्षेत्र सेवा भक्तिभाव से भर गया है। लोगों के द्वारा भजन कीर्तन किया जा रहा है और क्षेत्र की सुखसमृद्धी और विश्वकल्याण की भावना से प्रतिदिन आहुतियां छोड़ी जा रही है। यजमानों ने सपत्नीक यज्ञ कुंड में आहुति डालकर क्षेत्र में सुख समृद्धि व विश्व कल्याण की कामना की श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत श्रीमद् भागवत आचार्य ब्रजेंद्र व्यास ने कहा कि गंगा गीता गौ और माता गायत्री के आशिवार्द से इस भू धरा पर अनेक धर्मिक आयोजन हो रहे है। माता गंगा मनुष्य को मौक्ष प्रदान करती उनकी महीमा अनंत है गीता पूरे विश्व को कर्म की शिक्षा प्रदान करती है। हम मनूष्य के हाथ में कर्म करना है और फल तो वह परमात्मा हमें प्रदान करता है। गौ माता के पंचगव्य का सेवन करने से अनेक रोगों का नाश होता है। माता गायत्री का स्मरण करने से उनकी कृपा प्राप्ति होती है और श्रद्धालु को सुख समृद्धी की प्राप्ती होती है।

कोई टिप्पणी नहीं: