- यज्ञ पूर्ण होने पर श्रद्धालु पहुंचे प्राचीन गणेश मंदिर

सीहोर। जगत के पालनहार श्री नारायण की भक्ति करने के लिए अतिश्रेष्ठ कहे जाने वाले अधिक मास या पुरुषोत्तम मास पर शहर के कोलीपुरा स्थित श्री सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर परिसर में गुरुवार को सुबह नौ बजे तुलसी पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर संत माधवदास महाराज के निर्देश अनुसार यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास और पवन केवट सहित अन्य शहर के प्राचीन गणेश मंदिर में पहुंचकर गत दिनों हुए यज्ञ पूर्ण होने और तुलसी पूजन को लेकर भगवान श्री गणेश को आमंत्रण प्रदान किया। संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि हिंदू धर्म में अधिक मास के दौरान शादी-विवाह, गृहप्रवेश,यज्ञोपवीत संस्कार आदि करना निषेध बताया गया है। इस माह को दान, पुण्य, धर्म, पूजा, पाठ और श्रीमद्भागवत कथा के लिए अति उत्तम माना जाता है। पुराणों की मान्यता के अनुसार पुरुषोत्तम मास के समय सभी तीर्थ ब्रज क्षेत्र में निवास करते हैं, साथ ही ब्रजमंडल यानि भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना तीर्थ की यात्रा करने का विशेष महत्व है। लक्ष्मी और तुलसी का सम्बन्ध भगवान विष्णु के साथ होने के कारण जिस घर में नियमित रूप से तुलसीजी का पूजन विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक होता है, वहीं लक्ष्मी जी निवास करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी की जड़ में सभी तीर्थों, मध्य में सभी देवता ओैर ऊपरी शाखाओं में सभी वेद स्थित हैं। भगवान विष्णु का पूजन तुलसी दल से करने का विशेष माहात्म्य है। हिन्दुओं के संस्कार अनुसार सभी शुभ मांगलिक कार्यों में तुलसीदल अनिवार्य माना गया है। तुलसी घर-आंगन के वातावरण को सुखमय तथा स्वास्थ्यवर्धक बनाती है इसलिए प्रतिदिन तुलसी में जल देना तथा उसकी पूजा करना आरोग्यदायक है।
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