- गरीबों की दुर्दशा पर हंसने वाले निर्लज प्रशासनिक कर्मचारियों पर क्या कलेक्टर कोई बड़ा एक् शन लेंगे
ममता बाई इन निर्लज लोगों के सामने गिड़गिड़ाती रही घर नहीं तोडऩे की विनती करती रही,परिवार के सभी लोगों के जेल में होने का वास्ता देती रही लेकिन किसी को दया नही आई। गरीब ममता बाई की तबाही पर यह लोग हसंते रहे मुशकुराते रहे। ऐसा लग रहा है कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सीहेार जिले में अनुसुचित जाति वर्ग के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। फिलहाल ममता बाई का परिवार नौतपा मेें खुले आसमान के नीचे जी रहा है पशु तेज धूम में बंधे हुए इंटों का ढेर लगा हुआ है घर का पूरा सामान बिखरा पड़ हुआ है। घर में रखा गेंहू अज्ञात लोगों के द्वारा लूट लिया गया है। ममता बाई तहसील कार्यालय आष्टा और जनुसनवाई कलेक्ट्रेट में चार बार आवेदन दे चुकी है। लेकिन कोई कुछ सूनने को तैयार नहीं है। ममता बाई ने सरपंच और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए है। सरपंच हरीओम,लक्ष्मीनारायण,ओमप्रकाश, राजनारायण, रामबाबु, मुकेश ने ममता पर अत्याचार किए है। इन लोगों ने तहसील के कर्मचारियों से मिलकर घर को भी तुड़वा दिया है अब ना तो उसके पास छत है और ना ही रहने के लिये कोई घर है परिवार खुले आसमान के नीचे पड़ा है घर का पुरा सामान इन लोगों ने बिखेर दिया है खाने पीने से मोहताज हो गई है। दो वक्त की रोटी भी नही मिल रही है। अगर ममता बाई को जल्दी मदद नहीं मिली तो उसके पास आत्महत्या के अलावा अन्य कोई रास्ता नही रहेगा इस का जिम्मेदार निर्देय आष्टा प्रशासन होगा। ममता बाई पत्नि रमेश ने शपथ पत्र के साथ अन्याय अत्याचार की पूरी सत्य घटना लिखकर कलेक्टर से न्याय मांगा है क्योंकी दबंग सरपंच की पकड़ सत्ताधारी दल में मजबूत है उसके इशारों पर अधिकारी नाचते है पुलिस वाले तो उसके यह पार्टी करते है। इन लोगों ने केवल ममता बाई की जमीन हड़पने के लिए उसे बेघर कर दिया है रोज धमकी दे रहे है गांव से चले जाने की बात भी कहा रहे है। अब देखते है कलेक्टर इस मामले में ममता को न्याय दिला पाते है या फिर ममता को मरने के लिए छोड़ देते है।

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