फ़िल्म जगत में अभिनेत्री, मॉडल और निर्माता के रूप में पहचानी जाने वाली तथा सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों में सक्रिय शनाया शर्मा ने इस ज़िम्मेदारी को सम्मान और दायित्व दोनों बताया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि बंगाल जैसी भूमि पर यह दायित्व मिलना उनके लिए गर्व की बात है, जहाँ शक्ति-उपासना की गहरी परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि वे आसपास की महिलाओं में जो शक्ति देखती हैं, उससे उन्हें प्रेरणा मिलती है। शर्मा ने असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों और श्रमिकों के साथ समान व्यवहार तथा उनके सम्मान के लिए काम करने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि यह भूमिका उन्हें अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को ठोस कार्य में बदलने का अवसर देगी।
इस अवसर पर बीजेएमसी के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे, जिनमें पश्चिम बंगाल महिला शाखा की राज्य अध्यक्ष माया बाग, राज्य महासचिव वसीम अहमद, उपाध्यक्ष मनतोष देब और वरिष्ठ नेता मृण्मय धर शामिल थे। इनके अलावा अन्य पार्टी सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार भी मौजूद रहे।शनाया शर्मा का स्वागत करते हुए डॉ. चटर्जी ने कहा कि नई गठित टीम बंगाल के हर ज़िले और हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनाई गई है — असंगठित श्रमिकों से लेकर पेशेवरों तक। उन्होंने कहा कि बीजेएमसी "श्रम सम्मान" के अपने अभियान को और मज़बूती से आगे बढ़ाएगा।यह नियुक्ति राजनीतिक संगठनों की उस परिचित रणनीति को दर्शाती है, जिसमें किसी जाने-पहचाने सार्वजनिक चेहरे को ज़मीनी मुद्दों से जोड़कर पहुँच और दृश्यता बढ़ाई जाती है। बीजेएमसी के लिए अपनी महिला शाखा का चेहरा किसी फ़िल्मी हस्ती को बनाना, ख़ासकर पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में, श्रमिक कल्याण और महिला भागीदारी के अपने संदेश को व्यापक बनाने की कोशिश मानी जा रही है।संगठन ने कहा कि वह पूरे राज्य में असंगठित श्रमिकों के लिए अपने वकालत, जनसंपर्क और कल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तार जारी रखेगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ज़ोर रहेगा। पदाधिकारियों ने संकेत दिया कि पुनर्गठित नेतृत्व टीम जल्द ही ज़िला स्तर पर काम शुरू करेगी।

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