दिल्ली : अंजना ओम कश्यप की याचिका पर खान सर अपना रुख स्पष्ट करें : उच्च न्यायालय - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 9 जून 2026

दिल्ली : अंजना ओम कश्यप की याचिका पर खान सर अपना रुख स्पष्ट करें : उच्च न्यायालय

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नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने ‘खान सर’ के नाम से जाने जाने वाले शिक्षक फैसल खान और अन्य शिक्षकों से सोमवार को टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड और इसकी प्रबंध संपादक अंजना ओम कश्यप की याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। याचिका में सोशल मीडिया पर इन शिक्षकों के कथित मानहानिकारक पोस्ट हटाए जाने का निर्देश देने का अदालत से अनुरोध किया गया है।न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की अवकाशकालीन पीठ ने कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। वादी पक्ष की ओर से पेश एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर कश्यप के खिलाफ मानहानिकारक और अपमानजनक पोस्ट साझा किए हैं जिन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। अदालत ने कहा, ‘‘मुझे उनका पक्ष सुनना होगा... इस बीच, मामले में पेश हो रहे सभी पक्ष आवेदन पर अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं।’’ मुकदमे में खान सर के अलावा ‘अभिनय मैथ्स’ के संस्थापक अभिनय शर्मा, आईसीएस कोचिंग की सह-संस्थापक बबीता त्यागी और ‘नैया पार एजुकेशन’ के अरविंद भदौरिया को प्रतिवादी बनाया गया है। 


वादी पक्ष के वकील ने दलील दी कि प्रतिवादियों ने आपत्तिजनक एवं ‘‘अपमानजनक’’ भाषा का इस्तेमाल किया और अपने पोस्ट में हिंसा तक के लिए उकसाया।इन पोस्ट को अन्य लोगों ने दोबारा साझा किया और फैलाया। हालांकि, एक प्रतिवादी के वकील ने कहा कि कथित मानहानिकारक पोस्ट नेटवर्क के एक चैनल पर प्रसारित कश्यप के कार्यक्रम की प्रतिक्रिया में साझा किए गए थे। कश्यप और टीवी टुडे ने कहा कि पत्रकार ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद आजतक समाचार चैनल पर 29 मई को प्रसारित एक कार्यक्रम के दौरान यूट्यूब शिक्षकों की विश्वसनीयता को लेकर वास्तविक चिंता जताई थी। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों और शैक्षणिक मंचों के संचालकों समेत प्रतिवादियों ने ‘‘उचित आलोचना की सीमा पार कर दी’’ और 30 मई से चार जून के बीच सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर कश्यप के चरित्र, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिष्ठा पर व्यक्तिगत हमले किए। वादियों ने खान सर और अन्य से दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। प्रतिवादियों को कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने से रोकने का अनुरोध भी किया गया है।

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