सम्राट चौधरी की की कैबिनेट ने रैयती जमीन की मापी शुल्क बढ़ाने की स्वीकृति दी है. नगर निगम नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में अवस्थित रैयती जमीन की मापी प्रति खेसरा 2000 एवं अधिकतम 8000, ग्रामीण क्षेत्र में प्रति खेसरा 1000 एवं अधिकतम 4000 मापी शुल्क निर्धारित किए जाने की स्वीकृति दी गई है. वहीं शहरी क्षेत्र में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा ₹4000 एवं अधिकतम 16000 रुपए मापी शुल्क निर्धारित किए जाने की स्वीकृति दी गई है. ग्रामीण क्षेत्र में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसर 2000 अधिकतम 8000 माह प्रति खेसरा निर्धारित किए जाने की भी स्वीकृति दी गई.वित्तीय वर्ष 2026-27 में बाढ़ प्रबंधन कार्य के लिए 400 करोड़ 66 लाख, भू अर्जन मद में 250 करोड़ रुपए सीमा क्षेत्र में नदी प्रबंधन गतिविधि के लिए 120 करोड़ रुपए के निकासी की स्वीकृति दी गई है. मुंगेर जिला के खरगपुर में मनी नदी एवं सिंधवारणी नदी के संगम स्थल पर गेटेड बियर के निर्माण और उच्च स्तरीय मुख्य नहर की लंबाई 9.66 किलोमीटर में पुनर्स्थापना कार्य किए जाने के लिए 125 करोड़ से बढ़ाकर राशि 196.89 करोड़ करने की स्वीकृति दी गई. 671 हेक्टेयर क्षेत्र में इससे सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
हाजीपुर में जलापूर्ति परियोजना के लिए 131 करोड़ 88 लाख 40241 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. वहीं बेगूसराय सीवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी निर्माण के लिए 375 करोड़ 86 लाख 61872 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. सहरसा जलापूर्ति योजना के लिए 127 करोड़ 45 लाख 52 हजार 59 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन विकसित भारत, जी रामजी योजना की स्वीकृति दी गई है. यह 1 जुलाई से लागू होगा. गोपालगंज के सासामुसा चीनी मिल के पुनः परिचालन और गन्ना किसानों के बकाया के भुगतान के लिए 42 करोड़ 99 लाख 9095 रुपए की स्वीकृति दी गई है. चीनी मिल के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा. 15 वर्ष से पुरानी सरकारी वाहनों को निबंधन या स्क्रेपिंग करने पर मोटर क्रय में छूट या लाभ नहीं मिलेगा. गैर सरकारी वाहनों के स्क्रेप किए जाने पर नए वाहनों की खरीद पर छूट जारी रहेगा.6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लिए 3662 करोड़ 97 हजार रुपए की अग्रिम स्वीकृति दी गई है. मई, जून और जुलाई के पेंशन के लिए राशि की स्वीकृति दी गई है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और बिहार विकलांग पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना सरकार डीबीटी के माध्यम से राशि देती है.

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