- 25 जून से शुरू होगी स्वाद और हुनर की नई यात्रा, अगस्त के अंत में मिलेगा सीज़न 4 का विजेता
- तीन ऑडिशन राउंड, क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और ग्रैंड फिनाले के रोमांचक पड़ावों से गुज़रेंगी प्रतिभागी
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब कोई महिला अपनी पसंदीदा डिश बनाती है, तो उसमें सिर्फ मसालें नहीं, बल्कि अपने अनुभव, अपने संस्कार और अपने ममत्व का मिश्रण भी घोलती है। 'बुंदेली शेफ' उन्हीं भावनाओं को सम्मान देने का मंच है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा है कि इस प्रतियोगिता ने सिर्फ विजेता नहीं दिए, बल्कि आत्मविश्वास से भरी ऐसी कहानियाँ दी हैं, जिन्होंने पूरे बुंदेलखंड को प्रेरित किया है। सीज़न 4 में भी हम ऐसे ही नए चेहरों की तलाश में हैं, जिनके हाथों का स्वाद और जिनके सपनों की उड़ान दूर तक जाए।" पिछले तीन सीज़न्स ने यह साबित किया है कि कभी-कभी पहचान की शुरुआत रसोई से भी होती है। जिन हाथों ने वर्षों तक परिवार के लिए प्रेम से भोजन बनाया, उन्हीं हाथों ने इस मंच पर आकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। शमिता सिंह, ज़हीदा परवीन और शाजिदा अमीर इसकी सबसे खूबसूरत मिसाल हैं। कभी प्रतियोगी के रूप में मंच पर खड़ी ये महिलाएँ आज उन सैकड़ों प्रतिभागियों की प्रेरणा बन चुकी हैं, जो अपने हुनर को घर की चौखट से निकालकर एक बड़े मंच तक ले जाना चाहती हैं। असली बात यह है कि 'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक कुकिंग प्रतियोगिता नहीं रह गया है। यह उस विश्वास का नाम बन चुका है, जो कहता है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या बड़े मंच की मोहताज नहीं होती। कभी किसी छोटे-से गाँव की रसोई से उठने वाली खुशबू भी सम्पूर्ण बुंदेलखंड की पहचान बन सकती है। शायद यही वजह है कि सीज़न 4 की शुरुआत के साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और इंतजार का स्वाद एक बार फिर घुलने लगा है।

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