इससे 2 बर्ष पहले भी बगल के सोहास गांव में जेसीबी से खोदे गये गहरे गड़्डे में डूबने से 3 बच्ची की मौत हो गई थी. इसके साथ ही बेनीपट्टी अनुमंडल के बेनीपट्टी प्रखंड में भी जेसीबी द्धारा खोदे गये गहरे गड़्डे में डूबने से मौते हूई है.प्रशासन की खनन माफिया पर आवश्यक कार्रवाई नही होने से प्रशासन के प्रति जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्धारा लाश पोस्टमार्टम में ले जाने से पहले एस डी एम, बेनीपट्टी के समक्ष ग्रामीणों द्वारा मुआवजा और दोषीओ पर कार्रवाई का दबाब बनाने के बाद मृतक बच्चों के परिजनों के नाम 4-4 लाख का चेक प्रशासन द्धारा दिया गया है। परंतु दोषियों पर कार्रवाई अभी तक नहीं हुआ हैं. केरवार गांव में 150 घरों से अधिक कुम्हार जाति के लोग हैं, जबकि जिस टोला पर घटना घटी हैं, वहा 10 घर कुम्हार जाति के लोग हैं. घटना स्थल के करीब एक दर्जन ऐसा गहरा गड़्डा खोदा गया है। सभी में एक ही ग्रूप शामिल है.
मधुबनी (संवाददाता), 05 जून। भाकपा–माले के राज्य कमिटी सदस्य कामरेड श्याम पंडित एवं जिला कमिटी सदस्य कामरेड अजीत कुमार ठाकुर के नेतृव में कल्ह यानि 4 जून को अपराहन में बिस्फी प्रखंड के केरवार गांव अंतर्गत पछवारी टोल में पहुंच कर दिनांक 3 जून को जेसीबी द्धारा गोदे गये गहरे गड़्डे के पानी में डूबने से एक साथ 5 बच्चों की मौत हो गई थी. कुम्हार जाति के एक ही परिवार के 5 बच्चों की एक साथ मौत, बहुत ही हृदय बिदारक घटना से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ था. माले की जांच टीम ने पिड़ीत परिवारों से भेट किया. पार्टी की ओर से हार्दिक संवेदना व दुःख प्रकट किया. परिवारों को ढ़ाढ़स बंधाते हुए जानकारीयां प्राप्त किया. घटना स्थल पर भी जाकर मुआयना किया. लोगों से भी जानकारी प्राप्त किया.जो निम्न प्रकार है! केरवार गांव में एवं इलाके में खनन माफिया की सक्रियता बढ़ा हुआ है. जिस गहरे गडड़्डे में बच्चें डूबने से मरे हैं लीला झा पेसर छोटे झा ने खोदवाया था.जेसीबी मालिक का नाम मनोज यादव है.जिसका घर सोहास गांव में है.

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