सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 8 जून 2026

सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

  • अधिकमास पर किया जा रहा नियमित रूप से विशेष श्रृंगार

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सीहोर। अधिक मास के पावन अवसर पर सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और यहां पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को नुक्ती, नमकीन और भोजन प्रसादी का वितरण किया साथ ही यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को ठंडाई का वितरण गर्मी को देखते हुए किया जा रहा है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को समिति की ओर से नियमित रूप से रुद्राक्ष का वितरण किया जा रहा है।


इस संबंध में जानकारी देते हुए विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पर पंडित श्री मिश्रा के निर्देश पर धाम परिसर में निर्मित मुरली मनोहर मंदिर में फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया था। वहीं यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं ने बाबा का एक लोटा जल से विशेष अभिषेक किया। श्री दीक्षित ने बताया कि देश और विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र कुबेरेश्वरधाम पर आगामी दिनों में पंडित श्री मिश्रा का जन्मोत्सव आस्था के साथ मनाया जाएगा। यहां पर सुबह आरती के पश्चात निरंतर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा शाम को भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। मुरली मनोहर मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान श्रीराम और माता सीता के अलावा भगवान श्रीकृष्ण-राधा की आकर्षक प्रतिमाओं को विराजनमान किया गया है। अधिकमास के पावन अवसर पर प्रतिदिन विशेष श्रृंगार का क्रम जारी है। उन्होंने बताया कि अधिक मास को भगवान विष्णु ने अपना नाम पुरुषोत्तम दिया है, इस कारण इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। अधिक मास में विष्णु जी और उनके अवतार श्रीकृष्ण, श्रीराम की पूजा खासतौर पर करनी चाहिए। पूजा-पाठ के अलावा इस महीने में तीर्थ दर्शन, नदी स्नान, ग्रंथों का पाठ, प्रवचन सुनना, मंत्र जप, ध्यान, दान-पुण्य आदि शुभ काम कर सकते हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धा का संगम देखने को मिल रहा है। यहां पर एक साथ भगवान शिव, राम, श्रीकृष्ण सहित अन्य की पूजा-अर्चना की जा रहा है।

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