सीहोर : जन गणना के फॉर्म में ओबीसी का साजिशतन कॉलम ही गायब कर दिया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 5 जून 2026

सीहोर : जन गणना के फॉर्म में ओबीसी का साजिशतन कॉलम ही गायब कर दिया

  • ओबीसी के आंकड़े दर्ज करने के लिए दिए जाएं जनगणना फॉर्म में कॉलम
  • राष्ट्रपति के नाम ओबीसी मोर्चा ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर दिया ज्ञापन

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सीहोर । मकान सूचीकरण में ओबीसी के आंकड़े दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। जनगणना के प्रथम चरण में ओबीसी वर्ग के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। जिसको लेकर ओबीसी मोर्चा चरणबद्ध आंदोलन कर विरोध दर्ज कर रहा है। कलेक्ट्रेट पहुंच कर शुक्रवार को  संयुक्त रूप से ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष श्याम लाल मीणा , संभाग अध्यक्ष चांद सिंह मेवाडा, भारतीय युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जनम सिंह परमार, मूलनिवासी दिव्यांग संघ मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बलराम सिंह भदोरिया, राष्ट्रीय संयोजक पिछड़ा वर्ग मोर्चा धूल सिंह धम्म मैं कार्यकर्ताओं के द्वारा राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत को दिया गया। संयुक्त संगठनों के पदाधिकारियो ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया का प्रथम चरण शुरू हो चुका है जिसमें मकानों को गिना जा रहा है। उक्त फॉर्म में केवल अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग अन्य के कॉलम बनाए गए हैं इन वर्गों की पूरी जानकारी दी जा रही है इससे स्पष्ट होता है की OBC की जातिगणना इस 2027 की राष्ट्रीय जनगणना में भी नहीं की जा रही है। यह ओबीसी के साथ धोखा है। आर एस एस के द्वारा प्लानिंग बनाकर यह धोखेबाजी की जा रही है। इसलिए हम मांग करते हैं कि इसमें ओबीसी के आंकड़े भी अलग से सूचीबद्ध करने के लिए ओबीसी का कॉलम दिया जाय ताकि ओबीसी के साथ भी न्याय हो सके ।


 इसके लिए HLO नाम का App तैयार किया गया है। इसी App के द्वारा यह जनगणना का कार्य Digital रूप में मोबाईल के माध्यम से किया जायेगा। इस App में जो जानकारी इकट्ठा की जायेगी इसका कोई भौतिक रूप में रेकॉर्ड नहीं होगा और न ही यह जानकारी मांगी जाने पर उपलब्ध कराई जायेगी। इस जानकारी को रेकॉर्ड करने में किसी को कानूनी रूप में जिम्मेदार निर्धारित नहीं किया गया है, ना ऐसा किसी से डिक्लेरेशन किया जायेगा।अगर रेकॉर्ड की गयी जानकारी गलत है तो कोई जिम्मेदार ही नहीं होगा। यह पूर्णतयाः डिजिटल होने के कारण, इसके जो परिणाम घोषित होंगे या आंकड़े आयेंगे वो बिल्कुल सही है, ऐसा भी नहीं माना/कहा जा सकता है। इसका पूर्णतयाः डिजिटल होने से इसके आंकड़े की विश्वसनीयता पर संदेह हो सकता है। इसलिए  इस जनगणना के आंकड़ों के भौतिक सत्यापन की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाय। समर्थन में आज 31 राज्यों के 625 जिलों में "राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा" के माध्यम से यह ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा है। उपरोक्त मांगे पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन के तीसरे चरण में 22 जून को राष्ट्रव्यापी रैली-प्रदर्शन भी किया जायेगा। प्रदर्शन में धन सिंह मालवीय, कमल सिंह करमोदिया, शेरु लोधी, फूल सिंह मालवीय, बबीता धम्म, ज्योति राव, हरीश लोधी , हरि सिंह कमल किशोर जाटव दिनेश वर्मा महेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में समस्त संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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