उन्होंने कहा कि हाल में महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिब ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से परीक्षाएं आयोजित कराने में विफल रही हैं तथा शिक्षा के राजनीतिकरण के कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चिब ने कहा, "जो सरकार छात्रों का एक पेपर ठीक से नहीं करवा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।" ? उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और सभी परीक्षाओं एवं भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की। मशाल जुलूस में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव विकास चिकारा, सुरभि द्विवेदी, राष्ट्रीय सचिव हरि कृष्णा, परमिंदर सिंह और रूपेश भदौरिया, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा तथा हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निशित कटारिया समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
नई दिल्ली। भारतीय युवा कांग्रेस ने विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में शनिवार को यहां मशाल जुलूस निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध मार्च में शामिल संगठन के कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदर्शनकारी राजघाट पर एकत्र हुए और वहां से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। चिब ने आरोप लगाया कि ‘‘पेपर लीक वाली सरकार’’ ने लाखों युवाओं की मेहनत, उम्मीदों और भविष्य को नुकसान पहुंचाया है।

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