खेग्रामस जिला परिषद की बैठक में मनरेगा कानून पुनरवहाल करने, बर्ष में 200 दिन रोजगार और 700/- रुपया दैनिक मजदूरी,पर्चाधारियों को दखल दिलाने, सभी गरीबों को वास आवास की गारंटी करने, जो जहां बसे हैं। उसका बासगीत पर्चा देने,शिक्षा और स्वास्थ्य ब्यबस्था में सुधार करने के सवाल पर पंचायत और प्रखंड -अंचल पर लगातार आंदोलन चलाने का निर्णय लेने के साथ साथ मधुबनी जिला में 60,000 साठ हजार सदस्य बनाने का निर्णय लिया गया. बैठक को माले नेता बिशंभर कामत, खेग्रामस के योगेंद्र महतो, राम अशिष राम,सुनीता देवी सदाय, फकीर पासवान, सीता देवी सदाय, बेचनी देवी,बारम्हदेव राम,फुलो देवी,मंजू देवी सदाय, वगैरह ने संबोधित किया. बैठक में घर घरारी पर हमला, राशन कार्ड पर हमला, पेंशन पर हमला, मनरेगा पर हमला, शिक्षा स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमला और ऊपर से सामंती दबंग ताकतों का हमला झेल रहे गांव के दलित, गरीब, मजदूर और महिलाएं एक हों!
मधुबनी (संवाददाता), 08 जून । भाकपा–माले से सम्बद्ध अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा(खेग्रामस) मधुबनी जिला परिषद की बैठक मालेनगर में हूई. खेग्रामस जिला सचिव कामेश्वर राम की अध्यक्षता में संचालित बैठक को संबोधित करते हुए खेग्रामस राज्य कार्यकारणी के सदस्य श्याम पंडित ने कहा कि बिहार में कैसा सुशासन था.इसे रिशु श्री प्रकरण से उजागर हो गया. बिहार के बिकास और सुशासन के आड़ में अरबो का ठेकेदारी में कमिशन घोटाला हुआ हैं. अभी और घोटाला उजागर होना बाकी है. तीन आई ऐ एस तो गिरफ्त में आ गये हैं। जैसी आशंका ब्यक्त की जा रही है, उसमे दर्जन भर आई ऐ एस की संलिप्तता है. सुशासन बाबू का राज, भाजपा, जदयू का शासन भ्रष्टाचार, लूट और घोटाला का शासन सिद्ध हो रहा हैं. जिसका खामयाजा बिहार के गरीब, मजदूर, किसान व महिलाओं को भुगतना पड़ता हैं. नौजवानो का भविष्य बर्बाद करने में परिक्षा माफिया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तिफा के मांग पर हजारों हजार छात्र युवाओं को मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरना स्वागत योग्य हैं.

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