दूसरी परियोजना "Biomedical Related Project" है, जिसे महाविद्यालय के अत्याधुनिक सी-डैक (C-DAC) लैब में विकसित किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत 3D प्रिंटिंग एवं रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीक की सहायता से रोगी-विशिष्ट प्रोस्थेटिक हैंड कास्ट, वर्टिब्रल मॉडल तथा टिश्यू स्कैफोल्ड तैयार किए गए हैं, जो चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं सर्जिकल प्लानिंग के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होंगे। इन परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की छात्राओं पुष्पलता, मेहरून निशा एवं दीपाली कुमारी द्वारा किया जाएगा। परियोजनाओं के विकास एवं प्रस्तुतीकरण में सुश्री शारदा ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा छात्राओं को निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्राओं, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं सी-डैक लैब की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के समक्ष इन परियोजनाओं का सफल प्रदर्शन न केवल डीसीई दरभंगा, बल्कि बिहार की तकनीकी शिक्षा एवं नवाचार संस्कृति को नई पहचान दिलाएगा।
दरभंगा (रजनीश के झा), 14 जुलाई। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE), दरभंगा के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (DSTTE), बिहार द्वारा पटना में आयोजित राज्य स्तरीय नवाचार प्रदर्शनी में अपने दो प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए हैं। गर्व की बात है कि इन दोनों परियोजनाओं का चयन 18 जुलाई 2026 को बिहार के माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन के लिए किया गया है। चयनित परियोजनाओं में पहली "DeployX – Rapid Deployment Defence Drone" है, जो रक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन निगरानी के लिए विकसित एक फोल्डेबल एवं त्वरित तैनाती वाला ड्रोन है। यह आधुनिक तकनीक से युक्त पोर्टेबल ड्रोन कम समय में प्रभावी निगरानी एवं टोही कार्य करने में सक्षम है।

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