- 20 जुलाई से पांच अगस्त तक किया जाएगा चरणबद्ध आंदोलन, फिर भी मांग नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी शुरू
टारगेट के नाम पर शोषण बंद हो, विभागीय एवं जी.डी. डाक विभाग कर्मचारियों एस. कर्मचारियों का टारगेट के नाम पर उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए। कर्मचारी डाकघर और रेल डाक सेवा कार्यालय में अपनी मूल ड्यूटी पूर्ण करने के लिए भर्ती होते हैं, न कि गली-गली घूमकर व्यावसायिक टारगेट पूरा करने के लिए। रेल डाक सेवा की बहाली: प्रधानमंत्री की उद्घोषणा के बावजूद रेल डाक सेवा से जाने वाली डाक को रेल के माध्यम से न भेजकर रोड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से भेजा जा रहा है। हमारी मांग है कि एक शहर से दूसरे शहर जाने वाली क्रञ्जहृ सेवा को बंद कर रेल डाक सेवा अनुभागों को पुन: शुरू किया जाए, ताकि सरकारी पैसा निजी ऑपरेटरों को देने के बजाय दूसरे सरकारी विभाग (रेलवे) को मिले। रिक्त पदों को भरना: मेल मोटर सेवा विभाग के सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए एवं सिविल विंग का समाप्त कर वहां भी रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाएं। भ्रष्टाचार पर रोक: डाक विभाग में बढ़ रहे भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से कठोर व प्रभावी कार्रवाई की जाए और भ्रष्टाचार के मामलों की विस्तृत जानकारी हेतु यूनियन प्रतिनिधियों से सकारात्मक वार्ता की जाए। कैडर रिस्ट्रक्चरिंग व विकेन्द्रीकरण पर रोक: पोस्टल एकाउन्ट्स का विकेन्द्रीकरण रोका जाए तथा परिमंडल कार्यालय स्तर पर विलय बंद हो। एम.एम.एस., आर.एम.एस., पोस्टल एकाउन्ट्स तथा का कैडर रिस्ट्रक्चरिंग तुरंत किया जाए। साथ ही मुंबई विदेश डाकघर में लागू सभी प्रावधानों (एलएसजी कैडर तथा प्रमोशन) को दिल्ली, चेन्नई एवं कोलकाता के विदेश डाकघरों में भी समान रूप से लागू किया जाए। वेतन विसंगति दूर करना: भूतपूर्व सैनिक कोटे से विभाग में भर्ती हुए कर्मियों की वेतन विसंगतियों को तुरंत ठीक किया जाए। मृतक आश्रितों का समायोजन: 5 प्रतिशत की सीलिंग लिमिट होने के कारण जो मृतक आश्रित विभागीय पदों पर नियुक्ति से वंचित रह जाते हैं, उन सभी को जी.डी. एस. के रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए। पुरानी डिलीवरी व्यवस्था की वापसी: वर्तमान एन.डी.सी. सिस्टम को पूर्णत: खत्म करके पुरानी व सुचारू डिलीवरी व्यवस्था को पुन:।

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