
सीहोर। सेवानिवृत्ति का अर्थ जिम्मेदारियों व कार्यो से मुक्ति नही है। यह केवल जीवन का एक पड़ाव है अंत नहीं। सेवानिवृत्ति के बाद हमें स्वयं के कार्यो का आंकलन करने का अवसर मिलता है। उक्त विचार शहर के मंडी स्थित सीहोर जनपद पंचायत कार्यालय में विदाई समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जनपद सीईओ श्रीमती नमिता बघेल ने कहे।रविवार को सीहोर ब्लाक के खजुरिया कलां, करंजखेड़ा और मुहाली में लगातार 30 सालों से सचिव पद की जिम्मेदारी का ईमानदारी और कर्मठता से निभाने वाले सचिव मोहन चंद्रवंशी को पंचायत सचिव संगठन जनपद पंचायत सीहोर के तत्वाधान में भव्य रूप से विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर संगठन के ब्लाक अध्यक्ष घनश्याम मेवाडा, महेश जायसवाल, विजय त्यागी, मंच का संचालन कर रहे लखन ठाकुर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने मंच पर मौजूद जनपद सीईओ श्रीमती नमिता बघेल, एपीओ गुलाब सिंह अहिरवार, बीपीओ अशोक मंगरोलिया, नर्मदा प्रसाद सूर्यवंशी, जनपद के बड़े बाबू उमाशंकर सेन आदि का सम्मान और स्वागत किया। इस मौके पर विदाई समारोह की शुरूआत भजन-कीर्तन के साथ की गई। वहीं जनपद सीईओ श्रीमती बघेल ने कहाकि विदाई समारोह किसी कर्मचारी के वर्षों के समर्पण और कड़ी मेहनत को सम्मानित करने का एक विशेष अवसर होता है। जीवन की दूसरी पारी में सुखी, सम्पन्न और खुशहाल रहने की ईश्वर से कामना की।
समाज सेवा को बनाया जीवन का मिशन
रविवार को पंचायत सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए मोहन चंद्रवंशी ने कहाकि रिटायरमेंट के बाद आराम नहीं करेंगे, वह पहले से ही गायत्री परिवार से जुड़े हुए थे और अब पूरी सक्रियता से गायत्री परिवार को नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण वृक्षारोपण, जल संरक्षण और दहेज प्रथा उन्मूलन में सक्रिय रूप से जन-जागरूकता अभियान आदि सप्त सूत्रीय आंदोलनों को जन-जन तक पहुंचाने में अपना तन, मन व धन समर्पित रहेंगे।
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