दिल्ली : राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ ‘जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है’ पुस्तक का लोकार्पण - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

दिल्ली : राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ ‘जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है’ पुस्तक का लोकार्पण

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नई दिल्ली (अशोक कुमार निर्भय)। सुरुचि प्रकाशन के तत्वावधान में आज नई दिल्ली स्थित विचार विनिमय न्यास सभागार, केशव कुंज, झंडेवालान में राष्ट्र चेतना और युवा प्रेरणा पर आधारित पुस्तक ‘जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है!’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा और राष्ट्र जीवन से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, विद्यार्थियों एवं साहित्य प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के दौरान पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया गया तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, भारतीय संस्कृति, सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए गए।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रघुराज तिवारी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने पुस्तक को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसा साहित्य राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना को मजबूत करता है तथा नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख श्री राजकुमार मटाले ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सेवा, समर्पण और संस्कारों पर आधारित है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित को जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब विचार और व्यवहार दोनों सशक्त हों। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रेरक पुस्तकें नई पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करती हैं।


पुस्तक के लेखक एवं समाजसेवी ई. चंद्रशेखर पटेल ने पुस्तक लेखन की प्रेरणा साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि भारत का अमृतकाल तभी सार्थक होगा, जब देश का युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए करेगा। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों और पाठकों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में लेखक एवं विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. प्रवेश कुमार ने पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का आधार सशक्त विचार और संस्कारित युवा हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे साहित्य की आवश्यकता है जो युवाओं में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता पैदा करे। सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली, प्रबंध निदेशक रजनीश जिन्दल तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकुर पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुरुचि प्रकाशन समाज में सकारात्मक सोच, राष्ट्रीय चेतना और मूल्यपरक साहित्य के प्रकाशन के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा तथा भविष्य में भी इसी प्रकार की प्रेरणादायी पुस्तकों का प्रकाशन जारी रहेगा।


समारोह में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एन. प्रदीप शर्मा तथा पूर्व कुलपति डॉ. ए.डी.एन. वाजपेयी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुस्तक की सराहना की और कहा कि राष्ट्रहित से जुड़े साहित्य का व्यापक प्रसार समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर टीकाराम पटेल, प्रतीक पटेल, निलेश गिरी गोस्वामी, राहुल पटेल और दीपक ठाकरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने पुस्तक को युवाओं के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी बताते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीरज कर्ण सिंह एवं सुश्री प्रकृति शर्मा ने किया। समारोह के अंत में अतिथियों ने पुस्तक की प्रतियों का अवलोकन किया, लेखक से संवाद किया तथा पुस्तक हस्ताक्षर सत्र में भाग लिया। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति, साहित्य और सामाजिक चेतना का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है!’ युवाओं के बीच राष्ट्रीय चेतना, सेवा भावना और सकारात्मक सोच का प्रभावी संदेश पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कृति सिद्ध होगी।

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