इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अनुप दास, डॉ. बिकास दास एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। डॉ. कमल शर्मा, प्रभागाध्यक्ष, पशुधन एवं मात्स्यिकी प्रबंधन तथा प्रभारी, पीएमई प्रकोष्ठ ने स्वागत भाषण दिया तथा पिछली संस्थान अनुसंधान परिषद की बैठक की अनुशंसाओं पर की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बेंगलुरु स्थित गैर-सरकारी संस्थान डेवलपमेंट फोकस के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची द्वारा विकसित टमाटर, नेनुआ, लौकी, करेला, लोबिया एवं सेम की उन्नत किस्मों के सब्जी बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। बैठक में कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची; कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर सहित संस्थान के लगभग 100 वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया तथा वर्तमान अनुसंधान गतिविधियों एवं भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
पटना (रजनीश के झा) । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना की तीन दिवसीय संस्थान अनुसंधान परिषद की बैठक का शुभारंभ 05 अगस्त, 2026 को संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास की अध्यक्षता में हुआ। बैठक का उद्देश्य संस्थान में संचालित अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना, नए अनुसंधान प्रस्तावों का मूल्यांकन करना तथा पूर्वी भारत में सतत् एवं जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं का निर्धारण करना है। बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए डॉ. राकेश कुमार, सहायक महानिदेशक प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अन्य संस्थानों के सहयोग से बहुविषयक अनुसंधान कार्यक्रम तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी, जलवायु-अनुकूल एवं किसान-केंद्रित कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।


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