- 56 देशों के 400 विदेशी खरीदार जुटेंगे, 350 प्रतिनिधियों के आने की संभावना
ब्रिक्स बाजार पर भी नजर
भारत की 2026 में BRICS अध्यक्षता के मद्देनजर परिषद ने सदस्य देशों के खरीदारों को एक्सपो से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। ब्राजील, रूस, चीन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र और सऊदी अरब समेत अन्य बाजारों के खरीदारों के साथ कारोबारी संपर्क बढ़ाने की कोशिश होगी। इससे भारतीय कालीन के लिए नए निर्यात बाजार खुलने और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत होने की उम्मीद है।
उद्योग की मांग पर बढ़ी अवधि
कालीन उद्योग की मांग एवं उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए, परिषद के अध्यक्ष मुकेश कुमार गोम्बर की अध्यक्षता में आयोजित 210वीं बैठक में एक्सपो की अवधि तीन से बढ़ाकर चार दिन करने का निर्णय लिया गया है। निर्यातकों को वाणिज्य मंत्रालय के सहयोग से सब्सिडी आधारित सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। खरीदारों का पंजीकरण शुरू हो चुका है।
20 अगस्त से स्टॉल बुकिंग
एक्सपो में भारतीय निर्यातकों के लिए स्टॉल बुकिंग 20 अगस्त को सुबह 11:30 बजे से ऑनलाइन शुरू होगी। विभिन्न श्रेणियों के लिए दरें तय की गई हैं। भूतल हॉल ₹5,500, भूतल शॉप ₹6,000, प्रथम तल शॉप ₹3,500, ऊपरी हॉल ₹5,000 और द्वितीय तल शॉप ₹3,500 प्रति वर्ग मीटर निर्धारित है। इन दरों पर नियमानुसार जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। गोल्डन जुबली एक्सपो भदोही के कालीन उद्योग के लिए सिर्फ चार दिन का व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने का बड़ा अवसर बनने जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें