- स्कूल मर्जर के खिलाफ आइसा-भाकपा-माले मधुबनी में करेगी बड़ा आंदोलन
- 20 अगस्त को दरभंगा में छात्र संसद, ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को बचाने का उठेगा सवाल
माले जिला कमिटी सदस्य योगनाथ मंडल ने कहा कि पौनी विद्यालय को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन को प्रशासन गंभीरता से ले और स्कूल मर्जर की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल मापी और निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। ग्रामीणों और अभिभावकों के साथ बैठकर उनकी मांगों का सम्मानजनक समाधान करना होगा। नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज करने के बजाय वहां पर्याप्त शिक्षक, भवन, शौचालय, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सरकार को सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उसे धीरे-धीरे कमजोर करना चाहिए। आइसा,आरवाईए और भाकपा-माले ने घोषणा की कि 20 अगस्त को दरभंगा में छात्र संसद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की स्थिति, सरकारी स्कूलों को बचाने, स्कूल मर्जर की नीति और गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार जैसे सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। नेताओं ने मधुबनी जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि पौनी विद्यालय को किसी दूसरे विद्यालय में मर्ज करने की कोशिश तत्काल बंद कर दी गई हैं। ग्रामीण बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल पौनी विद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे बिहार में सरकारी शिक्षा व्यवस्था और ग्रामीण बच्चों के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। इसके लिए छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम जनता को एकजुट कर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आइसा, आरवाईए -भाकपा-माले का संघर्ष जारी रहेगा!

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