- आईजीआईएमएस में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार,स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने आर.आई.ओ. मॉड्यूलर ओ.टी. कॉम्प्लेक्स, सी.सी.एम. आई.सी.यू., सी.सी.टी.वी. कमांड सेंटर एवं नवीन डायलिसिस यूनिट का किया उद्घाटन
उद्घाटित प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएं
1. क्षेत्रीय चक्षु संस्थान (आर.आई.ओ.) मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स
लगभग ₹10.25 करोड़ की लागत से निर्मित इस परियोजना में छह अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए गए हैं। इनमें विट्रियो-रेटिना के दो, कॉर्निया एवं मोतियाबिंद के दो तथा ग्लूकोमा, ऑकुलोप्लास्टी एवं संक्रमित नेत्रों के उपचार हेतु दो ऑपरेशन थिएटर शामिल हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार के 60:40 वित्तीय सहयोग से विकसित यह कॉम्प्लेक्स एनएबीएच मानकों के अनुरूप बनाया गया है तथा प्रत्येक ऑपरेशन थिएटर में लगभग एक-एक करोड़ रुपये की लागत वाले अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप लगाए गए हैं। इससे नेत्र शल्य चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
2. सी.सी.टी.वी. कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर
लगभग ₹8.25 करोड़ की लागत से स्थापित इस आधुनिक कमांड सेंटर के माध्यम से पूरे आईजीआईएमएस परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी तथा अस्पताल प्रशासन की पारदर्शिता एवं दक्षता में वृद्धि होगी।
3. क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सी.सी.एम.) – 20 बेड आई.सी.यू.
लगभग ₹6.55 करोड़ की लागत से विकसित यह अत्याधुनिक क्लोज्ड आई.सी.यू. गंभीर रूप से बीमार मेडिकल एवं सर्जिकल मरीजों के उपचार के लिए समर्पित है। यहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी एवं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) से संबंधित गंभीर रोगियों के उपचार के साथ-साथ प्रोन वेंटिलेशन, हाई फ्रिक्वेंसी ऑसिलेटरी वेंटिलेशन (HFOV) एवं कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
4. नवीन डायलिसिस यूनिट
नेफ्रोलॉजी विभाग में 16 नई डायलिसिस मशीनों के साथ सेवाओं का विस्तार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग ₹8.05 करोड़ की लागत आई है। नई मशीनों के संचालन से मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में कमी आएगी तथा हेपेटाइटिस संक्रमित मरीजों के लिए अलग डायलिसिस सुविधा भी उपलब्ध होगी। अब तक इस इकाई में तीन हजार से अधिक डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं।
5. हर्बल गार्डन
संस्थान परिसर में विकसित हर्बल गार्डन मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीआईएमएस शासी निकाय के अध्यक्ष के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने की। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिन्दे कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान में विकसित नई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से गंभीर एवं जटिल रोगों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुविधाओं के माध्यम से बिहार एवं आसपास के राज्यों के मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


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