सीहोर : सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक आस्था का सैलाब, अब तक पहुंचे 10 लाख से अधिक श्रद्धालु - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 8 अगस्त 2026

सीहोर : सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक आस्था का सैलाब, अब तक पहुंचे 10 लाख से अधिक श्रद्धालु

  • हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा तीर्थ पथ, अर्धनारीश्वर स्वरूप की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र; सावन-भादो में 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

Kubereshwar-dham-sehore
सीहोर। सावन मास में शहर के सीवन नदी तट से प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक इन दिनों आस्था का महासागर दिखाई दे रहा है। सीवन नदी के पवित्र तट से लेकर धाम तक हर तरफ हर-हर महादेव और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयकारे गूंज रहे हैं। सावन मास में अब तक करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक कर चुके हैं। शनिवार को भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष सावन और भादो मास में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंच सकते हैं। बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालु कांवड़ लेकर सीवन नदी तट पर पहुंच रहे हैं और पवित्र जल लेकर पैदल कुबेरेश्वरधाम की ओर रवाना हो रहे हैं। कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक अनेक स्थानों पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा पंडाल लगाए गए हैं। इन पंडालों में श्रद्धालुओं को पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहार और प्रसादी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं विठलेश सेवा समिति की ओर से कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सेवादारों ने धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत और सम्मान किया।


अर्धनारीश्वर स्वरूप की झांकी ने खींचा ध्यान

शनिवार को हरिद्वार से भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की अनोखी झांकी लेकर श्रद्धालुओं का दल कुबेरेश्वरधाम पहुंचा। झांकी में भगवान शिव और माता पार्वती के एकत्व को बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कांवड़ यात्रा में अर्धनारीश्वर स्वरूप की यह अनोखी झांकी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें शिव और शक्ति के संतुलन का संदेश दिया गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अर्धनारीश्वर स्वरूप केवल शिव और शक्ति के एकत्व का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह पुरुष और प्रकृति के संतुलन तथा सृष्टि में शिव-शक्ति के महत्व को भी दर्शाता है। झांकी को सनातन संस्कृति में शिव और शक्ति के अभिन्न संबंध का संदेश देने वाली विशेष प्रस्तुति बताया जा रहा है।


काशी रवाना हुए पंडित प्रदीप मिश्रा

शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा आगामी 9 अगस्त से काशी में होने वाली ऑनलाइन शिव महापुराण कथा के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को भगवान शिव के नाम का जाप करने तथा श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव आराधना करने का संदेश दिया।


11 अगस्त को विश्वभर में होगा ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर आगामी 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के अवसर पर पूरे विश्व में ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालु अपने-अपने घरों में भगवान महादेव की विशेष पूजा-अर्चना और पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करेंगे। समिति के अनुसार श्रद्धालु पिछले करीब 10 वर्षों से ऑनलाइन माध्यम से इस प्रकार की पूजा-अर्चना में शामिल होते आ रहे हैं, जिसे श्रद्धालुओं की आस्था का अनूठा और ऐतिहासिक स्वरूप बताया जा रहा है।


शिवमय हुआ सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक का मार्ग

सावन मास में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या से सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग शिवभक्ति से सराबोर है। कांवड़ यात्रियों के साथ महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कहीं कांवड़ यात्रियों के स्वागत में सेवा पंडाल सजे हैं तो कहीं श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पूरा तीर्थ पथ इन दिनों आस्था, सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का संगम बना हुआ है।

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