राष्ट्र के स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं - नरेश मेवाड़ा
कैंडल मार्च के समापन पर अटल चौराहे पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना और हमारे अमर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग व बलिदान का प्रतीक है। जिस गीत ने आजादी के आंदोलन में लाखों देशवासियों में राष्ट्रभक्ति का संचार किया, उसका अनादर करना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का यह आचरण अत्यंत निंदनीय है। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहेगी। जनता ऐसे कृत्यों का कड़ा जवाब देगी।
कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय प्रतीकों की अनदेखी की - सुदेश राय
इस अवसर पर सीहोर विधायक सुदेश राय ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का यह रवैया देश के 140 करोड़ नागरिकों की भावनाओं पर आघात है। राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है, किंतु कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व लगातार मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है। देश का जन-जन इस अपमान को देख रहा है और इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।
नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने भी कांग्रेस के इस कृत्य का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से राष्ट्रविरोधी रही है यह कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस का पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए। कैंडल मार्च में जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, विधायक सुदेश राय, नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर, युवा मोर्चा अध्यक्ष महेन्द्र ठाकुर, वरिष्ठ नेता सीताराम यादव, जसपाल अरोरा, मण्डल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति, मण्डल अध्यक्ष सुशील ताम्रकार, युवा मोर्चा महामंत्री हर्षित मेवाड़ा सहित जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी के द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति संकल्प दोहराया गया।

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